
critical care unit
नरसिंहपुर. जिला अस्पताल परिसर में बन रही नई बिल्डिंग का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंचने से 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू करने की तैयारियां भी तेज होती नजर आ रही हैं। इस पहल के बीच सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि बिना पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों और सपोर्टिंग स्टाफ के इस यूनिट का संचालन कैसे संभव होगा। क्योंकि नियुक्तियों के लिए कोई सुगबुगाहट नजर नहीं आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन स्तर पर इस यूनिट को शुरू कराने की तैयारी शुरू हो गई है। बिल्डिंग में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसके लिए फर्नीचर भी आ गया है। माना यह जा रहा है कि उपकरण और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन प्रशिक्षित मानव संसाधन के बिना क्रिटिकल केयर यूनिट को प्रभावी रूप से संचालित करना चुनौतीपूर्ण होगा। नई क्रिटिकल केयर यूनिट निश्चित रूप से जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार साबित हो सकती है, लेकिन इसके सफ ल संचालन के लिए आवश्यक है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों और सपोर्टिंग स्टाफ की समय पर नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। अन्यथा, यह महत्वाकांक्षी योजना अधूरी तैयारियों के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएगी।
अस्पताल में स्वीकृत और कार्यरत अमले के आंकड़े कह रहे हैं कि जिला अस्पताल में प्रथम व द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के करीब 59 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 34 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 25 पद रिक्त हैं। दंत रोग विशेषज्ञ के 2, स्किन रोग विशेषज्ञ का 1, नाक-कान-गला विशेषज्ञ के 2 पदों पर एक भी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। मेडिकल स्पेशलिस्ट के 4 में से 3 पद रिक्त हैं, जबकि क्षय रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट के पद भी खाली हैं। मेडिकल ऑफि सर के स्तर पर भी करीब 19 स्वीकृत पदों में से केवल 11 पर ही डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि 8 पद खाली हैं। इसी प्रकार तृतीय श्रेणी के कुल 53 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 21 पदों पर वर्तमान में कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 32 पद रिक्त पड़े हुए हैं। वहीं चतुर्थ श्रेणी के कुल 83 स्वीकृत पदों में से 59 पद रिक्त हैं। वर्तमान में केवल 24 पद ही कार्यरत हैं। कई अन्य श्रेणियों में तो एक भी कर्मचारी कार्यरत नहीं है।
वर्जन
क्रिटिकल केयर यूनिट में लाइट फिटिंग का काम चल रहा है। जल्द ही बिल्डिंग हेंडओवर हो जाएगी। इसके बाद प्राथमिक स्तर पर यहां फिलहाल पैथालाजी और कैजुअल्टी यूनिट को शिफ्ट करेंगें। यहां का स्टाफ भी नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगा। वैसे शासन ने करीब 49 मल्टीटास्क वर्कर्स का स्टाफ दिया है,लेकिन स्पेशलिस्ट नहीं है जो डॉक्टर हमारे यहां उपलब्ध है वही काम करेंगें।
डॉ. राजकुमार चौधरी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल नरसिंहपुर
Updated on:
19 Apr 2026, 2:06 PM IST
Published on:
19 Apr 2026, 2:06 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.