एड्स बीमारी का एकमात्र इलाज, सिर्फ इसका बचाव, विश्व एड्स दिवस पर केंद्रीय जेल में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन
नरसिंहपुर. विश्व एड्स दिवस के अवसर पर केन्द्रीय जेलमें बंदियों के लिए एड्स जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। आयोजन में राज्य एड्स नियंत्रण समिति के नोड्ल अधिकारी डॉ देवेन्द्र रिपुदमन , काउंसलर प्रशान्त सोनी, सीएसटी सेंटर से नीरज ने बंदियों के बीच उपस्थित होकर एड्स बीमारी से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान डॉ. रिपुदमन ने बताया कि एड्स असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त के आदान प्रदान से एवं एड्स संक्रमित गर्भवती महिला से जन्म लेने वाले शिशु को, आदि कारणों से फैलता है, इस बीमारी का एकमात्र इलाज सिर्फ इसका बचाव ही है। इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए इसके कारण, लक्षण एवं बचाव के तरीकों के प्रति लोगों की जागरुकता की अत्यधिक आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति में एड्स का सक्रमण है तो उसके शरीर में व्याप्त तरल पदार्थों के दूसरे के शरीर में प्रवेश करने से ही एड्स की बीमारी होती है अन्य किसी भी कारण जैसे की संक्रमित व्यक्ति के साथ बैठने, रहने, खाने, वार्तालाप करने, वस्तु के आदान प्रदान आदि अन्य किसी भी कारणों से एड्स नही फैलता है ।
स्वास्थ्य रक्षकों से पूछे सवाल
बंदियों की स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता जानने के लिए जेल में तैनात स्वास्थ्य रक्षकों से एड्स के संबंध में सवाल पूछे गये, जिस पर स्वास्थ्य रक्षक बंदियों ने अपनी जागरुकता का परिचय देते हुए इस बीमारी के कारण, लक्षण व उपाय बताये । इस दौरान जेल अधीक्षक के साथ ही जेल उप अधीक्षक व अन्य मौजूद रहे।