
जिला अस्पताल में मौसम जनित बीमारियों से पीडि़त मरीज।
The scorching heat in the district नरसिंहपुर. जिले में गर्मी का प्रचंड रूप अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी से हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह 8-9 बजे से ही तेज धूप लोगों को घरों में कैद करने पर मजबूर कर रही है। दोपहर में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कूलर और पंखों की हवा भी बेअसर साबित होने लगती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42.02 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते तापमान ने आमजन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दिन के साथ ही रात में भी गर्मी का असर बना हुआ है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी साफ नजर आने लगा है। जिला अस्पताल में हर दिन उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार खान-पान में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों को बीमार कर रही है। गर्मी के कारण पानी और खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 30 से 40 मरीज तो उल्टी-दस्त से प्रभावित ही आ रहे हैं। जिनमें कई भर्ती होते हैं और कुछ दवाइयां लेकर चले जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और जरूरी सावधानियां अपनाने को कहा है, ताकि लू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचा जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
दिन में अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ लें
बाहर निकलें तो सिर को ढकें
दोपहर में धूप में निकलने से बचें
खानपान में सावधानी रखें
बासा-दूषित खाने से बचें
ओआरएस, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
हल्के और सूती कपड़े पहनें
वर्जन
गर्मी तेज होने से उल्टी-दस्त के मरीज तो बढ़ रहे हैं। हमारे पास पर्याप्त जगह और दवाइयां हैं। गर्मी से बचाव के लिए लोग सावधानी रखें, यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या हो तो तत्काल चिकित्सक से जांच कराएं।
डॉ. राजकुमार चौधरी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल नरसिंहपुर
Published on:
26 Apr 2026 02:03 pm
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