नरसिंहपुर

किसान को ऋणमुक्त करने सहकारी  बैंक को सरकार से लेना है 72 करोड़

11652 और किसानों के ऋण का किया जाएगा समायोजन

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Cooperative bank has to take 72 cr

नरसिंहपुर. कमलनाथ सरकार की किसानों की ऋण माफी योजना के तहत ऋण माफ करने को ईसी से हरी झंडी मिलने के बाद यहां के ११६५२ किसानों के ७२ करोड़ के ऋण का समायोजन किया जाएगा। किसानों को कर्ज मुक्त करने के लिए बैंक को सरकार से इतनी राशि लेना है। सरकार से यह राशि लेने की बात दर्ज कर बैंक किसानों को ऋण मुक्त कर सकेगा। दूसरी ओर कॉमर्शियल बैंक में सैकड़ों किसानों के ऋण माफी के प्रकरण फंसे हुए हैं। दूसरी ओर सहकारी बैंक को सरकार से महज महज ६.५ करोड़ रुपए शेयर कैपिटल के रूप में मिले हैं।

जानकारी के अनुसार जिले के ३१ हजार किसानों के आवेदन ऋण माफी के लिए आए थे जिनमें से २१ हजार पात्र पाए गए थे जिनका १०० करोड़ से ज्यादा का ऋण माफ किया जाना था। जिनमें से ५ हजार ३७० किसानों का १३ करोड़ ३१ लाख रुपये का अकालातीत ऋण आचार संहिता लागू होने के पहले माफ कर दिया गया था जबकि ११ हजार ६५२ किसानों के लोन माफी के आवेदन स्वीकृत कर दिए गए थे जो आचार संहिता के कारण रोक दिए गए थे। अब चुनाव आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद इनके ७२ करोड़ के लोन का समायोजन किया जा रहा है। ऋणी किसानों के खातों में इस राशि को सरकार से लेना है दर्शा कर इन्हें निल किया जा रहा है। शेष करीब ३५०० किसानों के मामले पिंक और सफेद फार्म के चक्कर में उलझे हुए हैं। पिंक श्रेणी के अंतर्गत वे मामले हैं जिनमें लोन को लेकर किसी तरह की कोई शिकायत है जैसे लोन न लेना या कम माफ होना या ज्यादा लोन दर्शाया जाना आदि शामिल हैं। सफेद श्रेणी के अंतर्गत वे खातेदार हैं जिनकी ऋण माफी से संबंधित दस्तावेजी कमी रह गई है। ज्यादातर मामले आधार कार्ड, पैन कार्ड संलग्र न होने के हैं। गौरतलब है कि जिले की १०४ समितियों के हजारों किसानों का लोन माफ करने के बदले अभी तक शासन से जिला सहकारी बैंक को महज ६.५ करोड़ रुपए शेयर कैपिटल के रूप में मिले हैं।
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वर्जन
किसानों की ऋण माफी की प्रक्रिया के तहत स्वीकृत आवेदनों के अनुसार किसानों के खातों में सरकार से लेना है दर्ज कर समायोजन किया जाता है। जिले में ३१ हजार आवेदन प्राप्त हुए थे।
आरसी पटले, जीएम जिला सहकारी बैंक
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Published on:
08 May 2019 09:08 pm
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