नरसिंहपुर

जागरूकता की कमी से फेसलेस व्यवस्था नहीं कारगर, ऑनलाइन सेंटरों पर निर्भरता

services faceless नरसिंहपुर. दोपहर का वक्त है, परिवहन विभाग के कार्यालय में बनी हेल्प डेस्क से गोटेगांव के राखी भैंसा गांव से आए मोहित सिंह, विनय पटेल यह जानने आए है कि उनका लर्निंग लाइसेंस कैसे बनेगा। दोनों युवक काउंटर पर मौजूद कर्मचारी मयूर से सवाल करते हैं, कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि […]

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हेल्प डेस्क पर जानकारी लेते हुए युवक।

services faceless नरसिंहपुर. दोपहर का वक्त है, परिवहन विभाग के कार्यालय में बनी हेल्प डेस्क से गोटेगांव के राखी भैंसा गांव से आए मोहित सिंह, विनय पटेल यह जानने आए है कि उनका लर्निंग लाइसेंस कैसे बनेगा। दोनों युवक काउंटर पर मौजूद कर्मचारी मयूर से सवाल करते हैं, कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि प्रोसेस कैसे करना है, गोटेगांव में पता किया तो कहा गया कि नरसिंहपुर ही जाना पड़ेगा। वहीं कार्यालय के आसपास स्थित ऑनलाइन सेंटरों पर लोग मौजूद हैं जो अपने कार्य कराने में व्यस्त हैं।
परिवहन विभाग ने महिनों पहले 51 सेवाओं को फेसलेस किया था। लेकिन इस सुविधा के प्रति जिले में जागरूकता की कमी बनी है। अपने स्तर पर लर्निंग लाइनेंस, नाम परिवर्तन, डुप्लीकेट लाइसेंस, फिटनेस आदि कार्य कराने में लोगों के अंदर जानकारी की कमी और कुछ गड़बड़ न हो जाए इस बात की भी झिझक रहती है। जिससे लोग जो कार्य उनके लिए सहूलियत और कम शुल्क में हो सकते हैं उन्हें कराने भी बिचौलियों अथवा ऑनलाइन सेंटरों पर निर्भर रहते हैं। एक ऑनलाइन सेंटर पर गाडरवारा तहसील से आए एक ग्रामीण ने कहा कि उनका लाइसेंस रिन्यु नहीं हुआ था, पहले सोचा कि अब नहीं कराएंगे क्योंकि बेकार में पैसा क्यों खर्च करें, लेकिन अब करा रहे हैं इसलिए समय निकालकर उसकी प्रक्रिया कराने आए हैं। अपने स्तर पर कराएंगे तो उसमें समय लगेगा जो फिलहाल नहीं है इसलिए सेंटर से करा रहे हैं।
हेल्प डेस्क पर हर दिन 10 से 15 लोगों की ही आवक
विभाग की हेल्प डेस्क में कुछ समय ही लोगों की आवाजाही रहती है, शेष समय डेस्क का कांउटर खाली दिखता है। कहने को यहां सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कर्मचारी रहते हैं लेकिन डेस्क पर जानकारी लेने या पूछताछ करने बामुश्किल 10 से 15 लोग ही आते हैं। डेस्क के साथ ही अन्य कार्यो के लिए काउंटर बने हैं। इन पर भी लोगों की आवाजाही कम रहती है।
वर्जन

फेसलेस में जो प्रमुख सेवाएं हैं उनसे संबंधित कार्य लोगों को अधिक नहीं रहते। इसलिए भी यहां आवक कम होती है, फिटनेस कराने तो लोग जबलपुर जाते हैं। आगामी समय में जरूर डीटीसी व एटीसी की सुविधा शुरू हो जाएगी तो लोगों को कार्य कराने में आसानी होगी। लोगों में ऑनलाइन कार्य खुद करने में रूचि व जागरूकता की भी कमी देखी जाती है। समय-समय पर लोगों को जागरूक भी करते हैं।
रवि बरेलिया, जिला परिवहन अधिकारी नरसिंहपुर

Published on:
31 Jan 2026 01:27 pm
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