कपूरी तिराहा के पास एक पुलिया निर्माण करने करीब डेढ़-दो साल पहले डिवाइडर को तोड़ा गया था। जो आज भी जस की तस हालत में
National Highways Authority of India नरसिंहपुर. जिले में सुरक्षित आवागमन व सडक़ हादसे रोकने के लिए आला अधिकारी भले निर्देश जारी करें लेकिन इन निर्देशों का मैदानी स्तर पर कोई अमल नहीं हो रहा है। खासकर एनएचएआइ से जुड़े अधिकारी और निर्माण एजेंसियां कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं। जिससे जिले में 80 किमी के दायरे में हाइवे पर वाहन चालकों के लिए तरह-तरह की परेशानियां झेलना पड़ रही हैं। नरसिंहपुर बायपास पर कपूरी तिराहा के पास एक पुलिया निर्माण करने करीब डेढ़-दो साल पहले डिवाइडर को तोड़ा गया था। जो आज भी जस की तस हालत में है। डिवाइडर का जो हिस्सा टूटा है वहां गड्ढे बन गए हैं। आवागमन के दौरान जब वाहन इस टूटे हिस्से के जरिए अपने वाहन अचानक एक लाइन से दूसरी लाइन पर लाते हैं तो सामने से आने वाले वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। यहां कई हादसे हो चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लखनादौन-नरसिंहपुर-सागर हाइवे की हालत जिले की सीमा में बेहद खराब है। ब्रिज निर्माण के दौरान जहां खामियां बरती जा रही हैं, सुरक्षा प्रबंधों में अनदेखी हो रही है। वहीं हाइवे पर जहां-जहां कार्य दौरान डिवाइडर क्षतिग्रस्त हुए उनमें सुधार नहीं हो रहा है। जिससे कोई भी वाहन कहीं से भी एक लाइन से दूसरी लाइन में आ जाता है। मवेशी भी डिवाइडर पर मौजूद रहते हैं और वाहनों की आवाजाही दौरान अचानक सडक़ पर आ जाते हैं। हाइवे पर मवेशियों की रोकथाम के लिए डिवाइडर पर जालियां लगाने का कार्य कई हिस्से में नहीं हो सका है।
मिट्टी-गिट्टी में फिसल रहे वाहन
पूरे हाइवे पर जगह-जगह गिट्टी-मिट्टी फैली हुई है, जिससे वाहन चालकों को फिसलकर गिरने का डर बना रहता है। वहीं बड़े वाहनों की आवाजाही के दौरान मिट्टी-डस्ट उडऩे से आंखों में जलन होती है। करेली बस्ती रोड से हाइवे पर आने के दौरान वाहन चालकों को ब्रिज के पास काफी परेशानी होती है क्योंकि यहां कई दिनों से सर्विस रोड पर गिट्टी फैली है, गड्ढे बने हैं। तिराहा पर कार्य बंद है और जहां-तहां मिट्टी पड़ी है। ब्रिज के नीचे से निकलने में डर रहता है कि दूसरी तरफ से आने वाले वाहनों से टक्कर न हो जाए, क्योंकि यहां संकेतक- मिरर नहीं हैं।