
नरसिंहपुर. जिले की 117 महिलाओं ने अब फावड़े को छोडक़र कन्नी उठा चुकी है। अब ये महिलाएं एक कुशल मिस्त्री बनने वाली हैं और आगामी समय में राजमिस्त्री कहलाएंगी। दरअसल मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी समूह की महिलाओं को राजमिस्त्री बनाकर आजीविका में सुधार लाने की नई योजना शुरू की गई है। अपर मुख्य सचिव एव विकास आयुक्त गोरी सिंह के निर्देश पर समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास निर्माण निर्माण तैयार करने के लिए पहली बार यह पहल की गई है।
जानकारी के अनुसार इसके तहत जिले के सभी विकासखंड में प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे है। जिले में चयनित 117 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कुल 45 दिन का रहेगा। प्रशिक्षण के उपरांत प्रतिभागियों को भारतीय निर्माण कौशल विकास परिषद नई दिल्ली के मानकों के आधार पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। जिसका आयोजन पंचायत राज संचालनालय के माध्यम से होगा।
सरकारी अमला दे रहा ट्रेनिंग
जानकारी के अनुसार जिले में महिलाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण देने अलग-अलग क्षेत्र चुने हैं। ताकि आसपास की महिलाएं यहां आकर कारीगरी का काम सीख सकें। इसके लिए जिले में छह विकासखंड में १९ स्थानों को चयनित कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान भी महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य मे संलग्न किया गया है।
इनका कहना
यह प्रशिक्षण प्रैक्टिकल प्रशिक्षण है। शिक्षण के दौरान महिलाओं को मानदेय दिया जा रहा है। ताकि प्रशिक्षण मे सफल होने के उपरान्त यह महिलाएं राजमिस्त्री का दर्जा लेकर कारीगरी का काम कर सके।
राजकुमार मालवीय, डीपीएम, एनआरएलएम