जेल में ही बंदियों को मिलेगी न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी, केन्द्रीय जेल में केश स्टेडी कियोस्क मशीन का शुभारंभ
नरसिंहपुर. अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में केन्द्रीय जेल में मुख्य अतिथि आरके नगपुरे जिला सत्र न्यायाधीश नरसिंहपुर एवं संजय कुमार गुप्ता अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में बंदियों को प्राप्त अधिकारों की श्रेणी में एक नया अध्याय जोड़ते हुये उच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त केश स्टेडी कियोस्क मशीन का शुभारंभ किया गया। जिसके तहत अब जेल में निरूद्ध दंडित बंदी अपने न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा से निश्चित ही शीघ्र न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी प्रत्येक बंदी तक सरलता से पहुंचेगी। शुभारंभ के प्रथम दिन खण्ड अ और ब से 74 बंदी अपने न्यायालयीन प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी पाकर लाभांवित हुए।
इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा की न्याय पाना सभी का अधिकार है। प्रशासन नित्य प्रति बंदियों के कल्याण के लिये प्रयासरत है। न्यायिक प्रणाली की कार्यवाही की पारदर्शिता यह केश स्टेडी कियोस्क मशीन है। सूचना का अधिकार भी मानव अधिकार का रूप है। किसी आरोपी के लिये अपने किसी प्रकरण के अभिलेख, प्रक्रिया व प्रचलन एवं विधियों का ज्ञान उसके बचाव के संवैधानिक अधिकार को पुष्ट करता है।
इस दौरान बताया गया कि केन्द्रीय जेल में 5, जिला जेल सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा में 2-2 एवं उप जेल अमरवाड़ा, बैहरए लखनादौन एवं वारासिवनी में एक-एक इस प्रकार संपूर्ण सर्किल नरसिंहपुर में कुल 15 कियोस्क मशीनों का शुभारंभ किया गया है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक शेफाली तिवारी, जेल उप अधीक्षक सुभाष कुमार सागर, सहायक जेल अधीक्षक अभय वर्मा, कैलाश नैवारे, हर्षा धुर्वे एवं विधिक सेवा प्राधिकरण से शैलेन्द्र श्रीवास्तव, पीयूष दिक्षित पैरालीगल वालेंटियर सहित जेल कर्मचारी एवं सुरक्षा स्टॉफ उपस्थित रहा।