नरसिंहपुर

केंद्रीय बजट में खेती को लाभ का धंधा बनाने ठोस प्रावधानों की जरूरत

किसानों ने एक स्वर में कहा कि बजट में कृषि और किसानों को वास्तविक रूप से लाभ पहुंचाने वाले ठोस व कारगर प्रावधान किए जाने चाहिए

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शुक्रवार को पत्रिका के टॉक शो दौरान किसान।

upcoming Union Budget नरसिंहपुर. आगामी केंद्रीय बजट को लेकर पत्रिका द्वारा शुक्रवार को किसानों के साथ संवाद किया गया। संवाद के दौरान किसानों ने एक स्वर में कहा कि बजट में कृषि और किसानों को वास्तविक रूप से लाभ पहुंचाने वाले ठोस व कारगर प्रावधान किए जाने चाहिए, ताकि खेती को घाटे के व्यवसाय से निकालकर लाभ का धंधा बनाया जा सके।
किसान फूल सिंह लोधी, अखिलेश पटेल, दुर्गेश पटेल, गौरव जाट, गोविंद पटेल, मूरत पटेल सहित अन्य किसानों ने कहा कि वर्तमान समय में खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। बीज, खाद, कीटनाशक और डीजल जैसे कृषि आदानों की कीमतों में वृद्धि से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसके बावजूद फसलों के उचित दाम नहीं मिल पाने से किसान परेशान हैं। किसानों ने यह भी कहा कि कई बार समय पर उर्वरकों की उपलब्धता नहीं हो पाती, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है। बजट में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि किसानों को खाद और अन्य कृषि सामग्री समय पर और उचित मूल्य पर मिल सके। किसानों ने आधुनिक खेती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीक और यंत्रों का समावेश आवश्यक है, लेकिन महंगे कृषि यंत्र छोटे और मध्यम किसानों की पहुंच से बाहर हैं। बजट में ऐसे प्रावधान किए जाएं, जिससे आधुनिक कृषि यंत्र किफायती दरों पर या अधिक अनुदान के साथ उपलब्ध कराए जा सकें। किसानों का कहना था कि यदि सरकार कृषि लागत घटाने, फसलों के उचित समर्थन मूल्य और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करे, तो खेती फिर से युवाओं के लिए आकर्षक और लाभकारी व्यवसाय बन सकती है।

Published on:
17 Jan 2026 01:40 pm
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