सडक़ें इतनी संकीर्ण हैं कि इनसे चारपहिया वाहनों की आवाजाही बड़ी मुश्किल से होती है। दुपहिया-तिपहिया वाहन भी सुरक्षित निकालने में समय लगता है।
internal roads is deplorable नरसिंहपुर. नगरीय क्षेत्र के 28 वार्डो में कई वार्ड ऐसे हैं जहां अंदरुनी सडक़ों की हालत खराब है। यह सडक़ें इतनी संकीर्ण हैं कि इनसे चारपहिया वाहनों की आवाजाही बड़ी मुश्किल से होती है। दुपहिया-तिपहिया वाहन भी सुरक्षित निकालने में समय लगता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि पहले से खराब सडक़ें सीवर लाइन का कार्य होने के बाद खोदी गईं सडक़ों के सुधार में हुई खानापूर्ति से बदहाल हैं। जिन पर बने गड्ढे और अघोषित ब्रेकर निकलने वालों की तकलीफ बढ़ा रहे हैं। कोई वाहन चालक यदि वार्डो की सडक़ों से वाहन लेकर निकलता है तो उसे कई बार सडक़ पर दोनों तरफ खड़े दुपहिया वाहनों को किनारे करना पड़ता है, तब कहीं वह सुरक्षित निकल पाता है।
नगरीय क्षेत्र में कुछ ही वार्ड ऐसे हैं जहां पर अंदरुनी सडक़ों की चौड़ाई संतोषजनक है। कुछ समय पहले नगरपालिका प्रशासन ने भी नगर के ऐसे वार्डो का निरीक्षण किया था जहां संकीर्ण सडक़ें अधिक हैं और आपात स्थिति में दमकल अथवा एंबुलेंस की आवाजाही मुश्किल होती है। बताया जाता है कि निकाय के साथ पुलिस भी इस निरीक्षण में शामिल थी और रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। लेकिन नगर की बदहाल संकीर्ण सडकों की हालत कब सुधरेगी इसका वार्डो के लोगों को भी इंतजार है। नगर के तिलक वार्ड में अधिकांश संकीर्ण सडक़ों की हालत खराब है। इस वार्ड से रिपटा पुल को जोडऩे वाली सडक़ से वाहन मुश्किल से निकलते हैं। इसी तरह शिवाजी वार्ड, पाठक वार्ड, बेलापुरकर वार्ड, निरंजन वार्ड, इंदिरा वार्ड में संकीर्ण सडक़ें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। नागरिकों का कहना है कि नगरपालिका को चाहिए कि सीवर लाइन का कार्य करने वाली एंजेसी से खराब की गईं सडक़ों का जल्द सुधार कार्य कराया जाए ताकि बारिश के दिनों में लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
वर्जन
वार्डो की संकीर्ण सडक़ों को लेकर कुछ वार्डो में पूर्व में दौरा कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। जहां तक सडक़ों के सुधार की बात है तो सीवर कंपनी को लगातार निर्देश देकर कार्य कराने कहा जा रहा है।
नीलम चौहान, सीएमओ नगरपालिका नरसिंहपुर