
CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। इस पर CJP की लीगल अफेयर्स प्रमुख रत्ना सिंह ने खुशी जताई और उम्मीद जताई की कि आशुतोष रांका और सौरव दास को भी रविवार को रिहा कर दिया जाएगा। रत्ना सिंह ने कहा कि अभी उन्हें अदालत के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश मिलने के बाद उसकी शर्तों और अन्य जानकारियों को शेयर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार यह रुख रखती आई है कि गिरफ्तारी गैरकानूनी थी और संबंधित लोगों ने कोई अपराध नहीं किया है।
अभिजीत दीपके को जमानत मिलने के बाद रत्ना सिंह ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि आशुतोष और सौरव को भी जल्द राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों की रिहाई को लेकर वे आशान्वित हैं और उम्मीद है कि रविवार को उन्हें भी न्याय मिलेगा।
अभिजीत दीपके को 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले एहतियातन हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका को इसका आधार बताया था।दिल्ली की SEM कोर्ट ने दीपके को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। पुलिस के अनुसार, शांति बनाए रखने के लिए निर्धारित बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा।
अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में अपनी पार्टी के 'लहरा दो तिरंगा' विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। पुलिस ने कार्रवाई के पीछे प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी कारण बताए। उस समय संबंधित इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू थी, जिसके तहत विरोध-प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध था। इससे पहले, 10 अक्टूबर 2026 को भी अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते ही एहतियातन हिरासत में लिया गया था।