
Amit Shah Punjab Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के कारण किसी ने अपना बेटा खोया है, तो किसी ने भाई और किसी ने अपना पति। ऐसे पीड़ित परिवारों को पंजाब सरकार क्या जवाब देगी? सरकार की ओर से बहाने बनाने के अलावा अब तक कोई ठोस जवाब सुनने को नहीं मिला है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब वह पहले पंजाब आए थे, तब भाजपा की ओर से आयोजित ‘नशा मुक्त पंजाब’ रैली में उन्होंने नशे के कारोबार को खत्म करने की अपील की थी। उस समय भी उन पर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि इस बार भी वह केवल नशे से पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने आए थे और उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बावजूद उन्हें अपशब्दों और अभद्र भाषा का सामना करना पड़ा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्हें गाली देने या अपमानित करने से कुछ हासिल नहीं होगा। अगर ऐसा करने से किसी को संतुष्टि मिलती है, तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन पंजाब में नशे का कारोबार बंद होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सिंथेटिक ड्रग्स यानी ‘चिट्टे’ के कारोबार को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया।
अमित शाह ने पंजाब सरकार और उसके नेतृत्व को उनके चुनावी वादे की याद दिलाते हुए कहा कि सत्ता में आने के समय तीन महीने के भीतर नशे का कारोबार खत्म करने का वादा किया गया था। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी नशे का कारोबार खत्म होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के नशे के मामलों में पकड़े जाने का जिक्र करते हुए दावा किया कि पुलिस के अपने कर्मचारी भी 10 से 12 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़े जा रहे हैं।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के कारोबार का विरोध करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। उनके मुताबिक, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कुछ लोगों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जबकि कुछ की हत्या कर दी जाती है।
अमित शाह ने बताया कि उन्होंने आज पंजाब के तीन स्थानों- गुरदासपुर, संगरूर और मानसा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाने वाले तीन लोगों का जिक्र किया।