
Ashutosh Ranka CJP: जयपुर के बगरू इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ के मामले में प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजस्थान पुलिस और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कार्रवाई को लेकर सवाल किया है। रांका ने कहा कि घटना को करीब 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन वीडियो में हिंसा और तोड़फोड़ करते दिख रहे लोगों की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई। रांका ने सोशल मीडिया पर बिना एडिट किया हुआ वीडियो दोबारा शेयर करने की बात कहते हुए पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस के पास कोई ऐसा सबूत है, जिससे यह साबित होता है कि CJP का कोई सदस्य हिंसा में शामिल था, तो उसे भी गिरफ्तार किया जाए।
आशुतोष रांका ने राजस्थान पुलिस और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि CJP सदस्यों के खिलाफ हुई हिंसा को करीब 48 घंटे हो चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वीडियो में तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल लोगों की तस्वीरें साफ नजर आने के बावजूद पुलिस ने अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस के पास उनके या CJP के किसी अन्य सदस्य के हिंसा में शामिल होने का सबूत है तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। साथ ही उन्होंने ऐसे सबूत सार्वजनिक करने की बात कही। रांका ने कहा कि राजस्थान को कानून-व्यवस्था से रहित राज्य नहीं बनने दिया जाएगा और पुलिस को कार्रवाई में और देरी नहीं करनी चाहिए।
मामला जयपुर के बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव का है। CJP के मुताबिक, संगठन के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत कार्यकर्ता गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे थे। CJP का आरोप है कि स्कूल पहुंचे कार्यकर्ताओं का कुछ लोगों ने विरोध किया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। प्रवक्ता आशुतोष रांका भी बाद में मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया गया। CJP ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं की गाड़ियों के शीशे तोड़े गए।
CJP कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले के बाद राजस्थान के मंत्री मदन दिलावर की भी प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। उन्होंने CJP पर निशाना साधते हुए संगठन को 'कॉकरोच पार्टी' कहा और आरोप लगाया कि यह संगठन कांग्रेस के समर्थन से काम कर रहा है। दिलावर ने कहा कि ग्रामीणों को आशंका थी कि ऐसे लोगों के स्कूलों में जाने से वहां का माहौल प्रभावित होगा और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इसी वजह से इसका विरोध कर रहे थे। मदन दिलावर ने यह भी कहा कि स्कूलों में किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।