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चीनी की बढ़ती कीमतों पर आमने-सामने पूनावाला भाई, तहसीन को लेकर शहजाद ने कही बड़ी बात

Sugar Price Hike India 2026: चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर पूनावाला भाइयों शहजाद और तहसीन के बीच सियासी तकरार सामने आई है। तहसीन ने सरकार पर ‘शुगर स्कैम’ का आरोप लगाया, जिसके जवाब में शहजाद ने राहुल गांधी और अपने भाई पर तंज कसा।
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भारत

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Ashib Khan

Aug 23, 2026

Shehzad Poonawalla Tehseen Poonawalla

चीनी के दाम बढ़ने पर पूनावाला भाइयों में छिड़ी बहस (Photo-IANS/AI)

India sugar prices rise: भारत में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच पूनावाला भाइयों के बीच सियासी तकरार एक बार फिर सामने आई है। हाल ही में बीजेपी से इस्तीफा देने वाले शहजाद पूनावाला ने अपने भाई तहसीन पूनावाला के शुगर स्कैम वाले बयान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

तहसीन ने ‘शुगर स्कैम’ को बताया कड़वा घोटाला

कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने चीनी की बढ़ती कीमतों और पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- शुगर स्कैम देश का सबसे कड़वा घोटाला है। तहसीन ने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे आम लोगों को महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है, जबकि E20 पेट्रोल के कारण वाहनों को नुकसान हो रहा है।

शहजाद पूनावाला ने कसा तंज

अपने भाई और कांग्रेस नेता तहसीन के पोस्ट पर शहजाद पूनावाला ने तंज कसा है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया और कहा कि तहसीन बूथ लेवल का नेता बनने के भी लायक नहीं हैं।

एक महीने में बढ़ी चीनी की कीमत

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के प्राइस पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, देश में चीनी की खुदरा कीमत 20 जुलाई को करीब 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो 21 अगस्त तक बढ़कर 58.20 रुपये प्रति किलो हो गई।

जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने उठाए कदम 

वहीं चीनी की कीमतों में तेजी आने के बाद केंद्र सरकार ने जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए हैं। साथ ही घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और आगामी त्योहारी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए करीब एक दशक बाद चीनी के आयात की अनुमति दी गई है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। सरकार के मुताबिक, कीमतें बढ़ने के पीछे घरेलू चीनी उत्पादन में अपेक्षा से ज्यादा गिरावट, त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग और मौसम के कारण फसल को हुए नुकसान जैसे कारण हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एथेनॉल के लिए चीनी के डायवर्जन का हिस्सा 2022-23 में उत्पादन का करीब 12 फीसदी था, जो 2025-26 में घटकर लगभग 9 फीसदी रह गया है। सरकार का यह भी कहना है कि भारत में उत्पादित एथेनॉल का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, खासकर मक्का, से तैयार होता है।

कांग्रेस ने महंगाई को लेकर केंद्र को घेरा

चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि महंगाई का असर अब सिर्फ घरेलू बजट तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और खाने की थाली पर भी पड़ रहा है।

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