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लहूलुहान छात्रों को देखकर आपकी रूह क्यों नहीं कांपती? रांची में लाठीचार्ज पर बाबूलाल मरांडी का राहुल गांधी से सवाल

Jharkhand Student Protest: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश भर में छात्रों के अधिकारों की वकालत करते हुए घूम रहे हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर वे चुप हैं। बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि राहुल गांधी इस मामले को लेकर अपनी ही गठबंधन सरकार से सवाल पूछें।
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Aug 23, 2026
babulal marandi and rahul gandhi
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (फोटो- ANI)

Babulal Marandi on Rahul Gandhi: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार की मांग और पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और दर्ज FIR को लेकर सियासत तेज है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि देश भर में युवाओं और छात्रों के हक की बात कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संवेदनाएं झारखंड की सीमा पर आकर पूरी तरह खामोश हो जाती हैं।

छात्रों की चिंता होती तो झारखंड सरकार से पूछते सवाल

सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि यदि राहुल गांधी के मन में छात्रों के प्रति सच्ची तड़प होती, तो झारखंड के लहूलुहान छात्रों को देखकर उनकी रूह जरूर कांप उठती। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी झारखंड में अपनी ही गठबंधन सरकार से यह पूछने का साहस क्यों नहीं दिखाते कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर लाठियां बरसाने की छूट पुलिस और सत्ताधारी दल के लोगों को किसने दी।

सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार पर राज्य में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 'विधानसभा घेराव' के दौरान शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और पहले से घोषित पुतला दहन विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी बल प्रयोग किया गया। इसके बावजूद राहुल गांधी पूरी तरह चुप रहे।

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जहां राज्य में छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं, वहीं सत्ता में बैठे लोग नौकरी की भर्तियों में धांधली कर रहे हैं और युवाओं के भरोसे को धोखा दे रहे हैं।

'कथनी और करनी का फर्क मिटने पर ही इतिहास नेता मानता है -बाबूलाल

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर खून-खराबे के इस मंज़र को ही लोकतंत्र माना जा रहा है, तो जनता सब देख रही है और इस दोहरी राजनीति की असलियत को बेनकाब कर रही है। अपनी उम्र और अनुभव का हवाला देते हएउ बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी को सलाह दी कि इतिहास किसी व्यक्ति को सच्चा नेता तब तक नहीं मानता, जब तक कि उनके कथनी और करनी के बीच का अंतर खत्म न हो जाए। उन्होंने कहा कि कथनी और करनी में अंतर होने से सिर्फ मजाक ही उड़ता है, इसलिए अब फैसला खुद राहुल गांधी को करना है।

Updated on:
23 Aug 2026 07:15 pm
Published on:
23 Aug 2026 07:13 pm
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