
Bansuri Swaraj on Rahul Gandhi:बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी पर महिलाओं के मुद्दे पर सकारात्मक एजेंडा नहीं होने का आरोप लगाया। बांसुरी ने कहा कि राहुल गांधी महिलाओं को सिर्फ मतदाता के तौर पर देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पास न विजन है और न ही सकारात्मक एजेंडा। इसीलिए वह इस तरह की बातें कर देश को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।”
बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ चुनावी मुद्दा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं की भूमिका को निर्णय लेने और नीति बनाने वाली भूमिका के रूप में नहीं देखती।
बीजेपी सांसद ने कहा, “आप महिलाओं को निर्णय लेने वाली और नीति बनाने वाली भूमिका में नहीं देखना चाहते। आप चाहते हैं कि महिलाओं की भूमिका सिर्फ मतदान केंद्र तक एक मतदाता के रूप में सीमित रहे।”
बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी और कांग्रेस से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में महिला सशक्तिकरण चाहती है तो उसने इस कानून का विरोध क्यों किया। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस ने इस विधेयक के खिलाफ वोट क्यों दिया और इसका विरोध क्यों किया। बांसुरी ने दावा किया कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान नरेंद्र मोदी सरकार लेकर आई।
बांसुरी स्वराज ने मोदी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए आधे से ज्यादा बैंक खाते महिलाओं के हैं। उन्होंने मुद्रा योजना का भी जिक्र किया। बांसुरी के मुताबिक, इस योजना के तहत दिए गए करीब दो-तिहाई ऋण महिला उद्यमियों को मिले हैं।
बीजेपी सांसद ने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को धुएं से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी के तौर पर नहीं बल्कि विकास में भागीदार बनाने पर भी जोर दिया है।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का भी जिक्र किया और कहा कि एनडीए के पहले महिला कैडेट्स के दल का प्रशिक्षण पूरा होना भी मोदी सरकार के कार्यकाल में हुआ।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस के विरोध को लेकर उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ चुनावी जुमला है और वह महिलाओं की भूमिका को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।