
Bhangar ISF Office Fire: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भंगड़ में पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम की कार पर हमले के एक दिन बाद रविवार तड़के इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के स्थानीय पार्टी कार्यालय में आग लगा दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। भंगड़ के शक्सार इलाके में आगजनी की घटना के बाद ISF कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और रास्ता जाम कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भंगड़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पार्टी कार्यालय में आग लगाए जाने की शिकायत मिली है। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंच गई है। मामले की जांच की जा रही है। भंगड़ दक्षिण 24 परगना जिले में आता है, लेकिन प्रशासनिक रूप से यह इलाका कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में है।
ISF ने पार्टी कार्यालय में आगजनी के लिए तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि आग किसने लगाई और इसके पीछे कौन लोग थे।
बता दें कि इससे पहले, शनिवार को भंगड़ के उरियापाड़ा इलाके में अरबुल इस्लाम की कार पर ईंटों और देसी बमों से हमला हुआ था। घटना पोलरहाट थाना क्षेत्र में उस समय हुई, जब इस्लाम अस्पताल से अपने घर लौट रहे थे।
अरबुल इस्लाम ने इस हमले के लिए ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी और उनके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि उनकी कार पर ईंटें फेंकी गईं और दो बम भी फेंके गए। बम कार से नहीं टकराए और सड़क पर ही फट गए, जबकि ईंट लगने से कार का शीशा टूट गया।
इस्लाम ने आरोप लगाया कि अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ ISF कार्यकर्ताओं ने उनकी कार पर हमला किया। उनका यह भी दावा है कि ISF छोड़ने के बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
घटना की शिकायत मिलने के बाद पोलरहाट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस का कहना है कि हमले के पीछे कौन था और इसकी वजह क्या थी, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी या हिरासत की सूचना नहीं है।
अरबुल इस्लाम ने हमले से एक दिन पहले ही ISF से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही।
उन्होंने भंगड़ में कुछ ISF कार्यकर्ताओं पर आम लोगों के साथ कथित अत्याचार का भी आरोप लगाया था। इस्लाम ने कहा था कि इन घटनाओं के विरोध में उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले अरबुल इस्लाम ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर ISF का दामन थामा था। पार्टी के भीतर मतभेद और स्थानीय नेतृत्व से विवाद के बाद उन्होंने TMC से दूरी बनाई थी और बाद में नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाली ISF में शामिल हो गए।
ISF ने उन्हें कैनिंग पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन वह चुनाव हार गए। चुनाव के बाद उनका पार्टी नेतृत्व से मतभेद बढ़ता गया और वह पार्टी की गतिविधियों से भी दूर होते चले गए। अंततः उन्होंने ISF छोड़ने का ऐलान किया और पार्टी नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए।