Bioluminescent Fungi : इस मशरूम की खोज केरल वन और वन्यजीव विभाग के कासरगोड डिवीजन और मशरूम ऑफ इंडिया कम्युनिटी ने संयुक्त रूप से की है। इसके लिए रानीपुरम के घने जंगल में माइक्रोफंगल सर्वेक्षण किया गया। सर्वे के दौरान मशरूम की 50 से ज्यादा प्रजातियां मिली हैं। इनमें रात में चमकने वाले बायोलुमिनसेंट मशरूम खास रहे।
Bioluminescent Fungi : वैज्ञानिकों ने कर्नाटक की सीमा से लगते केरल के कासरगोड जिले के रानीपुरम के घने जंगल में एक दुर्लभ मशरूम की खोज की है जो रात में हरे रंग जैसा चमकता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे फिलोटोलाटस मैनिपुलरिस के रूप में जाना जाता है, इस मशरूम ने जैव रासायनिक प्रक्रिया के माध्यम से प्रकाश उत्सर्जित करने की क्षमता हासिल की है। इस मशरूम की खोज केरल वन और वन्यजीव विभाग के कासरगोड डिवीजन और मशरूम ऑफ इंडिया कम्युनिटी ने संयुक्त रूप से की है। इसके लिए रानीपुरम के घने जंगल में माइक्रोफंगल सर्वेक्षण किया गया। सर्वे के दौरान मशरूम की 50 से ज्यादा प्रजातियां मिली हैं। इनमें रात में चमकने वाले बायोलुमिनसेंट मशरूम खास रहे।
जहरीला है यह मशरूम
यह मशरूम खाने योग्य नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह जहरीला होता है। सर्वेक्षण टीम में कासरगोड संभागीय वन अधिकारी के. अशरफ, डॉ. जिनु मुरलीधरन, डॉ. संतोष कुमार कूकल, केएम अनूप, सचिन पाई और पूर्णा सजाली सहित कई वैज्ञानिक शामिल थे।
रासायनिक प्रतिक्रिया से चमकता है
वनस्पतिशास्त्री दिलीप कुमार राई ने बताया कि यह मशरूम कोशिकाओं में रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण रात में हरा चमकता है। ये उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के वातावरण में दिखाई देते हैं। समृद्ध नम वातावरण उनके विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।