भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद BJP सांसद रवि शंकर प्रसाद ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने बैठक में क्या कहा। इसके साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जानकारी दी।
आज दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बीजेपी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़े नेता शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए BJP सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि "BJP अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि 2023 हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हमें 9 प्रदेशों में चुनाव लड़ना है। उन्होंने कार्यकारिणी से आह्वान किया कि चुनाव के लिए कमर कस लें, हमें सभी 9 राज्यों में जीत दर्ज करनी है।"
इसके साथ ही रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि "प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कमजोर बूथों की पहचान करें और उन्हें मजबूत करें और पहुंच बढ़ाए। 72,000 बूथों की पहचान की गई और आज भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में बताया कि 1.32 लाख बूथों पर पहुंच गए हैं।"
गुजरात और हिमाचल चुनाव का भी बैठक में हुआ जिक्र
रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि बैठक में गुजरात और हिमाचल चुनाव रिजल्ट के बारे में भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि "BJP अध्यक्ष जे.पी. हाल ही में संपन्न हुए चुनावों पर भी चर्चा की और कहा कि गुजरात की जीत ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। हिमाचल चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि हम सरकार बदलने की परंपरा को बदलने वाले थे लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके।"
त्रिपुरा, नागालैंड सहित अन्य राज्यों की गतिविधियों पर हुई ब्रीफिंग
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि "राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय और कर्नाटक में पार्टी की गतिविधियों पर एक ब्रीफिंग हुई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री भी अपने संबंधित राज्य के पार्टी अध्यक्षों के साथ बैठक में शामिल हुए।"
सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष के नकारात्मक अभियानों को कुचला: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि "विपक्ष ने लगातार भाजपा के खिलाफ नकारात्मक अभियान चलाया और पेगासस, राफेल डील, प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग, सेंट्रल विस्टा, आर्थिक आधार-आरक्षण, विमुद्रीकरण जैसे कई मुद्दों पर पीएम पर हमला करने के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। ये सभी मामले अदालत में लड़े गए और फैसला केंद्र सरकार के पक्ष में आया। सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष के नकारात्मक अभियानों को कुचल दिया और उन्हें कानूनी प्रतिक्रियाओं के माध्यम से उजागर किया।