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राज ठाकरे के सत्ता परिवर्तन और प्रधानमंत्री नहीं रहने के दावे पर भाजपा का तंज, बोले- दिवाली का एक पटाखा फूटा है

Maharashtra politics: महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के सत्ता परिवर्तन और देश में कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री नहीं रहने के दावे पर तंज कसा। उन्होंने इसे दिवाली का पटाखा बताते हुए विपक्ष पर जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
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Updated: 22 Oct 2026, 6:35 PM IST
Raj Thackeray
राज ठाकरे। फाइल फोटो- पत्रिका

Chandrashekhar Bawankule: महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के देश में अगले तीन-चार महीने में बड़े राजनीतिक बदलाव और कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री नहीं रहने के दावे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि दिवाली आती है तो पटाखे फूटते हैं। इसे दिवाली का एक पटाखा फूटना समझिए।

ठाकरे ने किया था दावा

बावनकुले ने उद्योगपतियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों पर उठाए जा रहे सवालों को भी गलत बताया। राज ठाकरे ने हाल ही में दावा किया था कि अगले तीन से चार महीनों में देश में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम होंगे, सत्ता बदलेगी और कुछ समय के लिए देश में प्रधानमंत्री नहीं रहेगा। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बावनकुले ने कहा कि इस तरह के दावों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

उद्योगपतियों से बैठक करना गलत नहीं

राज ठाकरे की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई ‘फ्रेंडशिप फाइल्स’ डॉक्यूमेंट्री के मुद्दे पर भाजपा नेता बावनकुले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 25 साल से सार्वजनिक जीवन में हैं। देश और राज्य के विकास के लिए उद्योग-व्यवसाय जगत की भूमिका अहम है। उद्योगपतियों की समस्याएं समझने और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उनके साथ बैठकें करनी पड़ती हैं।

बावनकुले ने उठाया सवाल

उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों के साथ बैठक करने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है या उनके साथ निजी संबंध हैं। उद्योग-व्यवसाय क्षेत्र को साथ लिए बिना विकास की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती। ऐसे में अडाणी और अंबानी से संबंधों का मुद्दा उठाकर नकारात्मक माहौल बनाना उचित नहीं है। बावनकुले ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में 65 साल तक कांग्रेस की सरकार रही। उस दौरान फाइलों को मंजूरी देने और उद्योगपतियों के साथ बैठकों को लेकर सवाल क्यों नहीं उठाए गए? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता से 15 साल दूर रहने के कारण विपक्ष जनता के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

जरांगे की शिकायत मिली तो होगी जांच

मनोज जरांगे की ओर से 500 करोड़ रुपए को लेकर लगाए गए आरोपों पर बावनकुले ने कहा कि उन्हें जरांगे के बारे में कुछ नहीं कहना है। वे अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, यदि उन्होंने सरकार के पास विधिवत शिकायत की है, तो संबंधित एजेंसियां उसकी जांच करेंगी। उन्होंने कहा कि पहले यह पता करना होगा कि शिकायत किस पुलिस थाने या जिला प्रशासन के पास दर्ज कराई गई है। शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री या संबंधित एजेंसी आगे की कार्रवाई करेगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इस मामले में जांच को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट कर चुके हैं।

संजय राउत के बयान पर जताई आपत्ति

अल्बानिया में सर्वोच्च न्यायालय की इमारत में आग लगाए जाने की घटना के संदर्भ में संजय राउत के बयान पर भी बावनकुले ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का उदाहरण देकर भारत में अस्थिरता का माहौल बनाने वाली बातें नहीं करनी चाहिए। बावनकुले ने कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान मजबूत है। देश डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के दिए संविधान के आधार पर चलता है। ऐसे में विदेशों की घटनाओं का संदर्भ देकर भारत में भी वैसी स्थिति बनने का संकेत देना गंभीर बात है।

रोहित पवार की पत्रकार वार्ता को बताया ‘नौटंकी’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता रोहित पवार की पत्रकार वार्ता पर टिप्पणी करते हुए बावनकुले ने उसे ‘नौटंकी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महाराष्ट्र में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है और नेताओं को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने की जल्दी है। बावनकुले ने कहा कि पत्रकार वार्ताओं और प्रस्तुतियों के जरिए जनता के मन में भ्रम पैदा करने के बजाय विपक्ष को सूखा प्रभावित लोगों की मदद, विकास कार्यों और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए महाराष्ट्र और देश के विकास से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

Updated on:
22 Oct 2026, 6:35 PM IST
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