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परिसीमन को लेकर केंद्र पर मनमानी का आरोप, कांग्रेस ने फिर उठाई सर्वदलीय बैठक की मांग

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर मनमानी का आरोप लगाया है। वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने और विपक्ष को विश्वास में लेने की मांग की है।
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Oct 17, 2026
Delimitation Issue
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मोदी सरकार पर साधा निशाना (Photo-ANI)

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर मोदी सरकार पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों बच रही है? उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। विपक्ष की ताकत कम हो या ज्यादा, ऐसे महत्वपूर्ण मामलों में सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है।

बता दें कि वडेट्टीवार का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन प्रस्तावों पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। 

'सरकार को किस बात का डर है?'

केंद्र सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि मोदी सरकार मनमाने तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बनाने के लिए भी अन्य दलों के समर्थन की जरूरत पड़ी थी। ऐसे में विपक्ष को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों कतरा रही है। उनके मुताबिक, परिसीमन जैसे संवेदनशील विषय पर विपक्ष के साथ चर्चा होनी चाहिए, ताकि किसी भी फैसले पर व्यापक सहमति बन सके।

खरगे ने पीएम मोदी को चौथी बार लिखा पत्र

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खरगे ने पीएम मोदी को चौथी बार पत्र लिखकर परिसीमन प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावों को अंतिम रूप देने और संसद में पेश करने से पहले सभी राजनीतिक दलों को चर्चा का अवसर मिलना चाहिए।

खरगे ने अपने पत्र में संसद के मानसून सत्र की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त 2026 को मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के 64 दिन बाद भी लोकसभा और राज्य सभा का औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ है। उन्होंने इस स्थिति को अभूतपूर्व बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।

संसद के सत्रावसान पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संसद के दोनों सदनों का लंबे समय तक औपचारिक सत्रावसान नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। इससे संसद की बैठक अचानक दोबारा बुलाए जाने या सत्र बढ़ाए जाने की अटकलों को भी बल मिल सकता है।

गौरतलब है कि संसद के किसी सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने यानी 'स्थगित अनिश्चितकाल के लिए' (Adjournment Sine Die) का अर्थ है कि बैठक दोबारा शुरू होने की तारीख तय किए बिना कार्यवाही रोक दी गई है। वहीं, सत्र का औपचारिक समापन राष्ट्रपति के सत्रावसान आदेश के बाद होता है।

कांग्रेस की क्या हैं मांगें?

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मानसून सत्र की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने और परिसीमन से जुड़े किसी भी नए प्रस्ताव को संसद में पेश करने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित विधेयकों के मसौदों की समीक्षा के लिए राजनीतिक दलों और क्षेत्रीय हितधारकों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने जल्दबाजी में विशेष सत्र बुलाने के बजाय व्यापक विचार-विमर्श और संसदीय सहमति के आधार पर आगे बढ़ने की अपील की है।

Updated on:
17 Oct 2026 10:32 am
Published on:
17 Oct 2026 10:07 am