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दलितों ने अपने खिलाफ पुलिस अत्याचार का दावा किया, केरल एससी/एसटी आयोग ने मांगी रिपोर्ट

Kerala: केरल के अलाप्पुझा जिले में दलितों ने अपने खिलाफ पुलिस अत्याचार का दावा किया है। इसके बाद केरल एससी/एसटी आयोग ने पुलिस कार्रवाई को "हाई-हैंडेड" बताते हुए इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। वहीं पुलिस ने इस मामले में मारपीट का आरोप लगाया है।  

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Jun 05, 2022

Kerala: केरल के अलाप्पुझा जिले के हरिपद इलाके में एक दलित कॉलोनी में पुलिस और निवासियों के बीच विवाद पर केरल एससी/एसटी आयोग ने रिपोर्ट की मांग की है। पुलिस के अनुसार यह घटना 4-5 जून की मध्यरात्रि की है। पुलिस ने बताया कि हम कॉलोनी में नियमित गश्त पर जा रहे थे, तभी हमने घर से बाहर दो लोगों को मोटरसाइकिल के पास खड़े देखा। इसके बाद हमने उनसे पूछताछ की थी कि वे देर रात यहां क्या कर रहे हैं, जिसके बाद कॉलोनी के अन्य निवासी भी सामने आ गए और दोनों से पूछताछ करने पर आपत्ति जताने लगे।

इसके बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमारी ओर से कहा गया कि यह क्षेत्र हमारे अधिकार क्षेत्र में आता है, जिसके बाद लोगों ने पुलिस की जीप को रोक लिया। गाड़ी की चाभी निकाल लिया और मारपीट भी किया। वहीं फिर कायमकुलम के डिप्टी एसपी व कुछ पुलिस कर्मियों ने हमें बचाया और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया।


पुलिस ने की अवैध छापेमारी

केरल राज्य एससी / एसटी आयोग के अध्यक्ष बीएस मावोजी ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि कॉलोनी के निवासियों ने यह दावा करते हुए आयोग को फोन किया कि पुलिस ने अवैध छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने लोगों के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी भी की है। इसके बाद बीएस मावोजी ने यह हाई-हैंडेड (अपातकाल) है, जिसके संबध में रिपोर्ट मांगी गई है।


स्थानीय निवासियों ने आरोपों को बताया गलत

पुलिस ने कहा कि स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से कुछ महिलाओं के इन आरोपों का खंडन किया कि पुलिस बलपूर्वक उनके घरों में घुसी, महिलाओं के साथ मारपीट की और उन्हें अपमानजनक नामों से पुकारा। अधिकारी ने कहा कि यह गश्त करने वाले अधिकारी थे जिनके साथ कॉलोनी के कुछ निवासियों ने दुर्व्यवहार किया और मारपीट की।


तीन लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने बताया है कि हमारे द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 146 (दंगा), 332 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने बताया कि जांच के आधार आगे भी गिरफ्तारियां जा सकती हैं।

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Published on:
05 Jun 2022 06:22 pm
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