
Deepender Hooda apology: कांग्रेस नेता और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की मौत के बाद उन्हें कथित तौर पर 'रोल मॉडल' बताकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। विवाद बढ़ने पर हुड्डा ने सफाई दी कि उन्होंने कभी 'रोल मॉडल' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और उनके बयानों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि वह सिख समुदाय को ठेस पहुंचाने की कल्पना भी नहीं कर सकते और अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें गहरा खेद है।
दीपेंद्र हुड्डा ने काह कि पिछले दो दिनों से एक गलत नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो शब्द बोले ही नहीं, उन्हें उनके नाम से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी भाई की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं था और सिख समाज के भाइयों को आहत करने की बात वे कभी सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि यदि उनके संदर्भ से अलग पेश किए गए बयान से किसी को भी दुख पहुंचा है, तो वे एक भाई के रूप में इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
दीपेंद्र हुड्डा ने आगे कहा कि सिख समुदाय हमारे देश का गौरवशाली हिस्सा है और देश की सीमाओं की रक्षा करने से लेकर आजादी की लड़ाई तक में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि 1908 के 'पगड़ी संभाल जट्टा' आंदोलन के दौरान, उनके परदादा चौधरी मातूराम को शहीद-ए-आजम भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह के साथ 'काला पानी' की सजा दी गई थी। इसके अलावा, हाल ही में हुए किसान आंदोलन के दौरान, वे पंजाब के किसानों के समर्थन में सबसे पहले खड़े होने वालों में से एक थे। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के साथ उनका बहुत पुराना और अटूट रिश्ता है।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि 1984 की हिंसा के पीड़ितों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसे अपने किए की सजा मिलनी चाहिए। किसी भी दोषी व्यक्ति को बचकर नहीं निकलने दिया जाना चाहिए और कांग्रेस पार्टी न्याय की इस लड़ाई में पीड़ितों के साथ खड़ी है।