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दिल्ली एक्साइज विभाग का बड़ा एक्शन, 2 हजार से ज्यादा जब्त गाड़ियों की हुई नीलामी, 5 करोड़ का हुआ राजस्व

Delhi Excise Department: दिल्ली एक्साइज विभाग ने 2,000 से ज्यादा जब्त गाड़ियों की नीलामी कर 5 करोड़ रुपये का राजस्व किया। ये गाड़ियां लंबे समय से पुलिस थानों के बाहर और आस-पास की पब्लिक जमीन पर पड़ी थीं।
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Updated: 6 Sep 2026, 7:30 PM IST
Delhi Excise Department
दिल्ली एक्साइज विभाग की बड़ी कार्रवाई (सोर्स- AI जनरेटेड इमेज)

Delhi News: दिल्ली में एक्साइज विभाग ने लंबे समय से पड़े मामलों को निपटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। विभाग ने 2,000 से ज्यादा जब्त गाड़ियों की नीलामी कर दी है। इससे सरकार को 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला है। साथ ही, 5,000 से ज्यादा पुराने केमिकल एनालिसिस केस भी निपटा दिए गए हैं। विभाग के मुताबिक, इस कदम से कामकाज तेज होगा और सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।

2 हजार से ज्यादा जब्त गाड़ियों की नीलामी

दिल्ली एक्साइज एक्ट के तहत कई गाड़ियों को जब्त किया गया था। ये गाड़ियां लंबे समय से पुलिस थानों के बाहर और आसपास की सरकारी जमीन पर खड़ी थीं। इससे जगह भी घिर रही थी। साथ ही, लंबे समय तक खड़े रहने से इन गाड़ियों की कीमत भी कम हो रही थी।

इस समस्या को दूर करने के लिए एक्साइज विभाग ने स्पेशल डिस्पोजल ड्राइव शुरू की। इसके तहत जब्त गाड़ियों की पहचान की गई। नीलामी की प्रक्रिया को आसान बनाया गया। इसके बाद 2,000 से ज्यादा गाड़ियों की सार्वजनिक नीलामी की गई।

इस कार्रवाई से सरकार को आर्थिक फायदा भी हुआ। नीलामी से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला। वहीं, पुलिस स्टेशन और सार्वजनिक जमीन पर खाली जगह भी उपलब्ध हुई। विभाग अब बाकी जब्त गाड़ियों के निपटारे की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ा रहा है।

5 हजार पुराने केमिकल टेस्ट केस हुए खत्म

एक्साइज विभाग ने अपनी कंट्रोल लेबोरेटरी में भी बड़ा बदलाव किया है। यहां पुलिस से जुड़े 5,000 से ज्यादा केमिकल एनालिसिस केस लंबे समय से लंबित थे। इन मामलों में जब्त शराब के सैंपल की जांच होनी थी। इन रिपोर्टों में देरी का असर पुलिस जांच पर भी पड़ता था। कई मामलों में रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता था। इससे आगे की कानूनी प्रक्रिया भी प्रभावित होती थी। अब विभाग ने सभी पुराने लंबित मामलों को निपटा दिया है। विभाग के मुताबिक, एक्टिव बैकलॉग अब जीरो हो गया है। इससे जांच प्रक्रिया को तेजी मिलने की उम्मीद है।

रेखा गुप्ता सरकार ने बताया गुड गवर्नेंस का हिस्सा

दिल्ली सरकार ने इन कदमों को गुड गवर्नेंस से जोड़कर देखा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ नई योजनाएं बनाना नहीं है। प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों का समय पर निपटारा होना चाहिए। सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल होना चाहिए। फैसले भी तेजी से लिए जाने चाहिए।

सरकार का कहना है कि तेज केमिकल टेस्टिंग से एक्साइज कानूनों को लागू करने में मदद मिलेगी। इससे पुलिस जांच भी मजबूत होगी। साथ ही, अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने में भी यह व्यवस्था कारगर साबित हो सकती है। विभाग के मुताबिक, यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। बाकी जब्त गाड़ियों और लंबित कामों को भी व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा।

Updated on:
6 Sep 2026, 7:30 PM IST
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