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दिल्ली में चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, कपड़ा व्यापारी बनकर नीले और काले रंग के बैग चुराता था, वजह आई सामने

Delhi Bag Theft Gang: दिल्ली पुलिस ने चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया जो रेलवे स्टेशनों पर नीले और काले रंग के बैग चुराता था। आइए जानते हैं क्या है इसकी वजह।

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Jul 08, 2025
Black Bag (AI Generated Image)

दिल्ली पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो रेलवे स्टेशनों पर नीले और काले रंग के बैग चुराने में माहिर था। यह गिरोह खुद को कपड़ा व्यापारी बताकर स्टेशनों के आसपास के होटलों में रहता था और अपनी चोरी की अनोखी रणनीति से पुलिस को लंबे समय तक गुमराह करता रहा। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 12 चोरी के बैग, दो मोबाइल फोन और 47,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।

चोरी का अनोखा तरीका

गिरोह की रणनीति बेहद अलग थी। वे केवल नीले और काले रंग के बैग ही निशाना बनाते थे, क्योंकि ये रंग भीड़ में आसानी से ध्यान नहीं खींचते और सीसीटीवी फुटेज में पहचानना मुश्किल होता है। चोर पहले बैग चुराते, फिर उसे होटल के कमरे में ले जाकर सामान खाली करते और अपने पुराने बैग में सामान भरकर चोरी किए गए बैग को स्टेशन के पास फेंक देते। इस तरह वे सबूत मिटाते और होटल स्टाफ या पुलिस का शक भी नहीं होता।

कैसे हुआ खुलासा?

3 जुलाई को श्री माता वैष्णो देवी कटरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी कोच A-1 से पांच बैग चोरी की शिकायत मिली। दिल्ली पुलिस की रेलवे यूनिट ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पहाड़गंज के क्रिस्टल होटल तक पहुंची, जहां से तीन आरोपियों—अमित कुमार (37), करण कुमार (27), और गौरव (33)—को गिरफ्तार किया गया। बाद में आनंद विहार स्टेशन से चौथे आरोपी पुनीत महतो (38) को भी पकड़ा गया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पहले से चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे हैं। अमित बिहार के वैशाली, करण और गौरव बेगूसराय, और पुनीत महतो भी बेगूसराय का रहने वाला है। पुनीत पिछले एक दशक से दिल्ली, बिहार और राजस्थान में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।

चोरी की वजह

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह नीले और काले बैग इसलिए चुनता था, क्योंकि ये रंग आम होने के कारण स्टेशन पर संदेह नहीं पैदा करते। इसके अलावा, चोरी का सामान ग्रे मार्केट में बेचने से पहले बदरपुर-फरीदाबाद सीमा पर सुरक्षित ठिकानों में रखा जाता था। गिरोह डिजिटल निशान छोड़ने से बचने के लिए बार-बार सिम कार्ड और फोन बदलता था।

पुलिस की कार्रवाई

डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की और बरामद सामान को अन्य लंबित चोरी के मामलों से जोड़ने की जांच कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है। यह कार्रवाई दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है। पुलिस ने यात्रियों से भीड़भाड़ में अपने सामान पर नजर रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है।

Published on:
08 Jul 2025 09:54 am
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