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दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अंकिता भंडारी केस का किया जिक्र

Dushyant Gautam Controversy: बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, कथित वीआईपी कनेक्शन और सीबीआई जांच को लेकर सवाल उठाए। साथ ही, चुनाव आयोग, सीईसी ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया पर भी केंद्र सरकार को घेरा।
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Oct 19, 2026
Sikkim Governor Appointment
कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर उठाए सवाल (Photo-IANS)

Congress Press Conference: बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार को सिक्किम का राज्यपाल बनाने को लेकर सियासी विवाद गहरा हो गया है। विपक्ष ने अंकिता भंडारी केस और कथित वीआईपी कनेक्शन को लेकर बीजेपी नेता का नाम लेते हुए उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

अंकिता भंडारी केस में न्याय को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था, लेकिन अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है। मामले में कथित तौर पर कुछ लोगों के ऑडियो सामने आने और एक वीआईपी का नाम चर्चा में आने का भी दावा किया गया। शैलजा का आरोप है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले के सभी पहलुओं की जांच नहीं की।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कथित वीआईपी के तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने के बावजूद उनसे पूछताछ नहीं की गई। साथ ही, सिक्किम राजभवन में उनकी नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए। उनका आरोप है कि इस नियुक्ति से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। 

चुनाव आयोग और SIR को लेकर भी घेरा

इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। राहुल गांधी की ओर से लगातार उठाए जा रहे 'वोट चोरी' के मुद्दे का जिक्र करते हुए कुमारी शैलजा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई।

शैलजा ने कहा कि SIR को लेकर केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि आम लोग भी सवाल उठा रहे हैं। साथ ही, दो चुनाव आयुक्तों की ओर से भी आपत्तियां दर्ज किए जाने का दावा किया गया। 

INDIA गठबंधन के सांसदों को नहीं दी अनुमति

इस दौरान कुमारी शैलजी ने कहा कि दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद गठबंधन के सांसदों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की कोशिश की। शैलजा ने दावा किया कि राष्ट्रपति से मिलने के लिए केवल 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को अनुमति मिली, जबकि अन्य सांसदों को विजय चौक पर ही रोक दिया गया।

Updated on:
19 Oct 2026 01:33 pm
Published on:
19 Oct 2026 01:33 pm