
CMRL Money Laundering Case: कोच्चि मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने केरल पुलिस से पूर्व सीएम पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी वीणा और दामाद पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। अधिकारियों के मुताबिक, ED के कोच्चि जोन ने पिछले सप्ताह इस संबंध में केरल पुलिस को पत्र भेजा है।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय पहले से ही CMRL से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कर रहा है। एजेंसी की यह कार्रवाई मई में की गई तलाशी के दौरान सामने आए कथित नए मनी ट्रेल और अन्य दस्तावेजों के बाद हुई है।
बता दें कि 27 मई को ईडी ने CMRL के निदेशकों एसएन ससीधरन कर्ता, सारन एस कर्ता, टी वीणा और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी। ये तलाशी केरल के कोट्टायम, एर्नाकुलम, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु में की गई थी।
इसके करीब एक महीने बाद एजेंसी ने कोझिकोड में 8 अन्य ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया था। ED के अनुसार, मई की तलाशी के दौरान वीणा से जुड़े कथित पैसों के लेनदेन के संबंध में नए साक्ष्य मिले थे।
गौरतलब है कि जनवरी 2019 में CMRL के खिलाफ आयकर विभाग ने तलाशी की थी। जांच के दौरान करीब 130 करोड़ रुपये के कथित फर्जी खर्च सामने आए थे। कंपनी ने आयकर सेटलमेंट कमीशन के समक्ष इन खर्चों को स्वीकार किया था।
आयकर सेटलमेंट कमीशन के आदेश में CMRL की ओर से विभिन्न लोगों को कथित तौर पर रिश्वत दिए जाने का भी उल्लेख किया गया था। इसके आधार पर गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय में शिकायत की गई और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के निर्देश पर SFIO ने जांच शुरू की।
PMLA के तहत ईडी की जांच को सीएमआरएल ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनी का तर्क था कि मामले में कोई आधारभूत या प्रेडिकेट ऑफेंस मौजूद नहीं है। 12 अप्रैल 2024 को अदालत ने ईडी के खिलाफ 'नो कोअर्सिव एक्शन' का आदेश दिया था।
हालांकि, 26 मई 2025 को केरल हाईकोर्ट ने सीएमआरएल की रिट याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि पीएमएलए के तहत जांच शुरू करने के लिए शुरुआत में प्रेडिकेट ऑफेंस का होना अनिवार्य नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि फैसले की तारीख तक इस मामले में एक प्रेडिकेट ऑफेंस मौजूद था, क्योंकि एसएफआईओ पहले ही PMLA के तहत शेड्यूल्ड ऑफेंस से जुड़ी अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुका था।