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Russia-Ukraine War: रूस की सेना में अभी भी करीब दो दर्जन भारतीय, MEA ने कहा- वतन वापसी का प्रयास जारी

Indian citizens Russian Army: रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया है कि लगभग दो दर्जन भारतीय नागरिक अभी भी रूसी सेना में हैं। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संकेत दिया कि भारत को उनकी जल्द वापसी की उम्मीद है। भारत ने फिर दोहराया कि युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं मिल सकता।
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भारत

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Anand Shekhar

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Updated: 8 Sep 2026, 5:55 PM IST

india mea

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। (Photo- ANI)

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। MEA के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग दो दर्जन भारतीय अभी भी रूसी सेना में सेवा दे रहे हैं और भारत सरकार उनकी सुरक्षित और जल्द घर वापसी के लिए मॉस्को के संपर्क में है। इसके अलावा, भारत ने फिर दोहराया कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और नई दिल्ली शांति बहाल करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने को तैयार है।

रूसी सरकार के समक्ष मामला उठाया गया

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमारे लगभग दो दर्जन नागरिक रूसी सेना में हैं। हमने रूसी सरकार के समक्ष यह पूरा मामला बहुत मजबूती से उठाया है और हमें पूरी उम्मीद है कि उन्हें जल्द से जल्द सेवा से मुक्त कर घर वापस भेज दिया जाएगा।" भारत सरकार ने पहले ही रूसी अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि धोखे या गलत जानकारी के माध्यम से संघर्ष क्षेत्र में भेजे गए सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत सेवा से मुक्त किया जाना चाहिए।

युद्ध से नहीं निकलेगा हल: MEA प्रवक्ता

रूस-यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए भारत द्वारा उठाए जा रहे कूटनीतिक कदमों को लेकर रणधीर जायसवाल ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की हालिया यूक्रेन और पोलैंड यात्राओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी इस पुरानी नीति पर अडिग है कि यह युद्ध का युग नहीं है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री ने अपनी बातचीत के दौरान कहा कि भारत का लगातार यह मानना रहा है कि युद्ध के मैदान में कोई समाधान नहीं मिल सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश को भी दोहराया कि इस कभी न खत्म होने वाले युद्ध को खत्म होना चाहिए।

रूस और यूक्रेन दोनों के संपर्क में भारत

रणधीर जायसवाल ने कहा कि युद्ध खत्म करने का रास्ता संघर्ष में शामिल पक्षों को ही तय करना होगा, लेकिन भारत किसी भी रचनात्मक सुझाव पर विचार करने के लिए दोनों पक्षों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। जायसवाल ने कहा कि शांति का रास्ता पक्षों को खुद ही खोजना होगा, हालांकि अगर भारत युद्ध खत्म करने में कोई मददगार भूमिका निभा सकता है, तो वह ऐसा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत यूक्रेन और रूस, दोनों के लगातार संपर्क में है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या कोई ऐसे विचार या सुझाव हैं जो इस संघर्ष को सुलझाने में मदद कर सकते हैं।