
नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा पारित किए गए तीन कृषि कानूनों की पहली वर्षगांठ पर संयुक्त किसान मोर्चा ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। भारत बंद आज सुबह छह बजे से शुरू हो गया है। बंद दोपहर बाद तक चलेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि सौ से अधिक संगठन इस बंद में शामिल हो रहे हैं और आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी किसान नेताओं से बंद को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग भारत बंद को अधिकाधिक रूप से स्वैच्छिक और शांतिपूर्ण बनाए रखने में सहयोग दें। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने एक गाइडलाइन भी जारी की है।
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार भारत बंद के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल, शैक्षणिक संस्थान, ऑफिस, दुकानें, उद्योग तथा अन्य सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंद में शामिल करने की बात कही गई है।
भारत बंद के दौरान सार्वजनिक और निजी ट्रांसपोर्ट को भी रोका जा रहा है। कई राज्यों में राज्य सड़क परिवहन निगम की बस सेवाएं निलंबित रह सकती हैं।
इन सेवाओं को मिलेगी भारत बंद में छूट
किसान नेताओं ने भारत बंद के दौरान हॉस्पिटल, मेडिकल स्टोर, इमरजेंसी सर्विज सहित अन्य सभी आवश्यक सेवाओं तथा उनमें काम करने वाले लोगों को भारत बंद से मुक्त रखा गया है।
भारत बंद के दौरान दिल्ली को बाकी दश से जोड़ने वाले सभी हाईवे को बंद कर दिया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम बंद के दौरान दिल्ली के अंदर नहीं जाएंगे परन्तु लोगों को एक दिन की छुट्टी लेनी चाहिए और शाम चार बजे बाद ही घर से बाहर निकलना चाहिए।
किसानों के भारत बंद को देखते हुए दिल्ली तथा आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था अत्यन्त कड़ी कर दी गई है। देश के कई राज्यों तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, केरल, पंजाब, झारखंड, आंध्रप्रदेश की राज्य सरकारों ने भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी व अन्य कई वामपंथी पार्टियों ने भी बंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।