25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

India Russia Trade 2026: पुतिन का भारत को बड़ा भरोसा! किसानों के लिए बढ़ेगी खाद की सप्लाई, जयशंकर से मुलाकात में बड़ा ऐलान

India Russia Fertiliser Supply: रूस ने भारत की बढ़ती कृषि जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरक निर्यात बढ़ाने की तैयारी दिखाई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार के बीच अब नजर इस बात पर है कि नई साझेदारी ऊर्जा और खाद से आगे कितनी तेजी से फैलती है।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

Aug 25, 2026

S Jaishankar Vladimir Putin Meeting

S Jaishankar Vladimir Putin Meeting : जयशंकर से मुलाकात के बाद पुतिन का बड़ा संदेश! भारत को अब पहले से ज्यादा मिलेगी खाद (फोटो सोर्स:@airnewsalerts)

S Jaishankar Vladimir Putin Meeting: भारत और रूस के रिश्तों में खाद अब सिर्फ कारोबार का विषय नहीं रह गई है, बल्कि खेती और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा अहम मुद्दा बन चुकी है। मॉस्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान किसानों की जरूरतों पर खास चर्चा हुई। पुतिन ने भारत को खनिज उर्वरकों की आपूर्ति आगे भी बढ़ाने का भरोसा दिया। ऐसे समय में यह आश्वासन भारत के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

India Russia Trade 2026: खाद की सप्लाई बढ़ाने का पुतिन का वादा, किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान पुतिन ने साफ संकेत दिया कि रूस भारतीय किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरकों की सप्लाई और बढ़ाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस भारत के कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रहा है और आगे भी निर्यात बढ़ाने के लिए तैयार है।

भारत के लिए यह आश्वासन इसलिए अहम है क्योंकि रूस पिछले कुछ वर्षों में उर्वरकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। खास तौर पर यूरिया की उपलब्धता में रूस की भूमिका बढ़ी है। 2025 में रूस से भारत के उर्वरक आयात में करीब 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।

राष्ट्रपति पुतिन ने ईंधन के साथ उर्वरकों को भी दोनों देशों के आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में खाद की आपूर्ति भारत-रूस व्यापार संबंधों का एक और मजबूत आधार बन सकती है।

दिसंबर 2025 में पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भी उर्वरकों की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई थी। दोनों देशों ने संभावित संयुक्त उपक्रमों की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए थे। इसका उद्देश्य केवल तत्काल जरूरत पूरी करना नहीं, बल्कि लंबे समय के लिए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है।

2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर नजर

इस बीच भारत-रूस कारोबार में तेज उछाल आया है। जयशंकर के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार 2021 के करीब 13 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में लगभग 60 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, इस बढ़ोतरी के साथ भारत का व्यापार घाटा भी बढ़ा है और यह 50 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है।

यही वजह है कि भारत अब व्यापार को अधिक संतुलित बनाने पर जोर दे रहा है। बाजार तक बेहतर पहुंच, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं में कमी, भुगतान व्यवस्था को मजबूत करना और दोनों देशों की कंपनियों के बीच सीधा कारोबार बढ़ाना प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। दोनों देश 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।

रूस भी व्यापार का दायरा ऊर्जा और उर्वरकों से आगे बढ़ाना चाहता है। 2026 की पहली छमाही में भारत-रूस व्यापार में करीब 8 फीसदी वृद्धि बताई गई है। कृषि उत्पादों, मशीनरी, धातु, वन उत्पादों और औद्योगिक सामानों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश जारी है।

रूस को भारत की दवाइयों और औद्योगिक सामानों की जरूरत

वहीं, भारत रूस को दवाइयां, कृषि उत्पाद, औद्योगिक कच्चा माल, मशीनरी और विभिन्न उपकरण निर्यात करता है। ऐसे में खाद की बढ़ती आपूर्ति के साथ दोनों देशों की कोशिश अब रिश्तों को एकतरफा ऊर्जा कारोबार से निकालकर ज्यादा व्यापक आर्थिक साझेदारी में बदलने की है।

जयशंकर ने पुतिन को दिया मोदी की आगामी मुलाकातों का संदेश

जयशंकर ने पुतिन तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी मुलाकातों का संदेश भी पहुंचाया। दोनों नेताओं की शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स से जुड़े आगामी कार्यक्रमों में मुलाकात की उम्मीद है। इसके अलावा वार्षिक भारत-रूस शिखर बैठक भी प्रस्तावित है। ऐसे में खाद से शुरू हुई यह चर्चा आने वाले महीनों में दोनों देशों के बड़े आर्थिक एजेंडे का हिस्सा बन सकती है।