
जेपीसी चीफ पीपी चौधरी (Photo- ANI)
PP Chaudhary on 'One Nation, One Election': देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने का खुलकर विरोध किया है, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने इसके समर्थन में बयान दिया है।
राजस्थान से भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी से जब इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यदि 2028 तक संवैधानिक संशोधन को संसद की मंजूरी मिल जाती है, तो उसी वर्ष ‘एक देश, एक चुनाव’ की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य 2029 में अपनी इच्छा जाहिर करते हैं तो ऐसा किया जा सकता है, क्योंकि हम राज्यों को विधानसभा भंग करने का निर्देश नहीं दे सकते।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राज्यों को खुद फैसला लेना होगा। यह संबंधित मुख्यमंत्रियों और मंत्रिपरिषद के निर्णय पर निर्भर करेगा। यदि किसी राज्य की मंत्रिपरिषद ‘एक देश, एक चुनाव’ के पक्ष में फैसला करती है और विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ कराने का निर्णय लेती है, तो ऐसा संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारतीय संविधान राज्यों को एक साथ चुनाव कराने का अधिकार देता है और इसकी अनुमति है, तो ऐसा किया जा सकता है।
इस दौरान उन्होंने दावा किया, ‘99 प्रतिशत लोग लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के पक्ष में हैं।’ उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो इससे सभी को लाभ होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा देश के युवाओं को मिलेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने का विरोध किया। उन्होंने संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के समक्ष इसे असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का प्रस्ताव बिना सोचे-समझे किया गया है। इन विधेयकों का समर्थन करने की इजाजत मेरा जमीर नहीं देता है। तृणमूल कांग्रेस की समिति सदस्य सागरिका घोष ने भी इन विधेयकों का विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि इससे चुनाव आयोग को बेलगाम अधिकार मिल जाएंगे।
लोकसभा में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित विधेयक 2024 में पेश किए गए थे। इन्हें बाद में जांच के लिए संसद की संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। बता दें कि इन विधेयकों को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश पर तैयार किया गया था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी इस समिति के सदस्य थे।
Updated on:
25 Aug 2026, 7:29 AM IST
Published on:
25 Aug 2026, 7:29 AM IST
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