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एयरपोर्ट नीलामी में होगी कैपिंग, किसी एक कंपनी का नहीं होगा एकाधिकार

देश में एयरपोर्ट की नीलामी के विषय में जल्द ही नया नियम लागू करने की तैयारी है। क्या है यह नियम? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

Aug 25, 2026

Airport

एयरपोर्ट (Photo - ANI)

देश में एयरपोर्ट की नीलामी (Airport Auctions) के लिए अब कैपिंग लागू करने की तैयारी है। साथ ही एयरपोर्ट को बंडल-स्कीम में नीलाम किया जाएगा। दरअसल केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह प्रस्तावित किया है। अभी देश के 11 एयरपोर्ट की नीलामी होनी है। इसके लिए इन्हें पांच बंडल यानी ग्रुप में बांट दिया गया है। इसमें बड़े एयरपोर्ट के साथ छोटे एयरपोर्ट को एक ही ग्रुप में रखा गया है, जिससे सिर्फ फायदे वाले एयरपोर्ट कोई एक निजी कंपनी न ले सके।

ग्रुपिंग का होगा फायदा

एयरपोर्ट्स की इस तरह से ग्रुपिंग का फायदा होगा और वो यह होगा कि निजी ऑपरेटर व्यस्त एयरपोर्ट्स की कमाई से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कम ट्रैफिक वाले छोटे एयरपोर्ट्स के रखरखाव पर भी कर सकेंगे। इससे छोटे एयरपोर्ट्स का भी रखरखाव बना रहेगा। इसके अलावा कोई एक ही कंपनी अधिकतम एयरपोर्ट नहीं ले पाएगी। इससे एयरलाइन्स के बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जो व्यवसाय के लिए अच्छी रहेगी।

बिना कैपिंग के हो सकती है समस्याएं

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने किसी भी एयरपोर्ट की नीलामी के लिए कैपिंग व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव दिया है। 4 अगस्त को सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) की बैठक में वित्त मंत्रालय को कहा कि आशंका है कि बिना कैपिंग नीलामी से कई एयरपोर्ट्स परियोजनाओं में समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके बाद ही इस योजना के विषय में प्रस्ताव को तैयार किया गया है।

पहले हो चुका है एकाधिकार

फरवरी 2019 में 6 बड़े हवाई अड्डों का निजीकरण किया गया था, जिनमें जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, मंगलूरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी शामिल हैं। उस समय अडाणी ग्रुप ने सभी 6 एयरपोर्ट्स को 50 साल तक संचालित करने के अधिकार हासिल किए थे। अडाणी ग्रुप ने अक्टूबर 2020 और नवंबर 2021 के बीच इनका संचालन ले लिया था। इस दौरान इस एकाधिकार पर सवाल उठे थे और इसका विरोध भी हुआ था। फिर से वैसा न हो, इसी बात को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट्स की नीलामी में कैपिंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है।

नीलामी ग्रुप


अमृतसर और कांगड़ा-गग्गल एयरपोर्ट।

वाराणसी, गया और कुशीनगर एयरपोर्ट।

भुवनेश्वर और हुबली एयरपोर्ट।

रायपुर और औरंगाबाद एयरपोर्ट।

तिरुचिरापल्ली और तिरुपति एयरपोर्ट।