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भारत और इंडोनेशिया ने बढ़ाया सहयोग, एस. जयशंकर-सुगियोनो की बैठक में कई अहम फैसलों पर हुआ मंथन

India Indonesia Joint Commission Meeting: भारत और इंडोनेशिया ने अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। नई दिल्ली में हुई बैठक में रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।
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Updated: 7 Jun 2026, 5:13 PM IST
India Indonesia Joint Commission Meeting
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो नई दिल्ली में आयोजित भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग की 8वीं बैठक के दौरान। (Photo: X@DrSJaishankar)

India Indonesia Joint Commission Meeting:भारत और इंडोनेशिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग (जॉइंट कमीशन) की आठवीं बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग समेत कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो ने की।

रणनीतिक साझेदारी को लेकर हुई व्यापक चर्चा

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने के साथ-साथ समुद्री और शिपिंग क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

इसके अलावा व्यापार, फिनटेक, उर्वरक, फार्मास्यूटिकल्स और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों पर भी जोर

बैठक में दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

भारत और इंडोनेशिया का मानना है कि लोगों के बीच मजबूत रिश्ते दोनों देशों की साझेदारी को और गहरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, समृद्धि और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही भारत-आसियान (ASEAN) संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी सहमति जताई।

भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत इंडोनेशिया को एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

जयशंकर ने बताई बैठक की अहमियत

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि बैठक में राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का इंतजार

इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो ने भी बैठक को सकारात्मक और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई है।

सुगियोनो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जकार्ता यात्रा का भी उल्लेख किया और कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने और जनता के लिए ठोस परिणाम सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।

राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत यात्रा से मिला नया प्रोत्साहन

जयशंकर ने कहा कि 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत यात्रा ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी है। ऐसे में संयुक्त आयोग की यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य के अनुरूप सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Updated on:
7 Jun 2026, 5:13 PM IST
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