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18 साल के सार्थक की राहुल गांधी ने की तारीफ, बोले- इस बच्चे ने CBI को भी पीछे छोड़ दिया

CBSE OSM विवाद पर राहुल गांधी ने 18 वर्षीय सार्थक सिद्धांत की तारीफ करते हुए कहा कि उसने वह काम कर दिखाया, जो बड़े मीडिया संस्थान और CBI भी नहीं कर पाए। मामले को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है, जानें क्या कुछ कहा है?
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भारत

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Rahul Yadav

Jun 07, 2026

Rahul Gandhi on CBSE OSM Row

सीबीएसई OSM प्रणाली में गड़बड़ियों को सामने लाने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत के साथ राहुल गांधी। (Image: Rahu Gandhi/X)

Rahul Gandhi on CBSE OSM Row: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में गड़बड़ियों को उजागर करने वाले 18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत की जमकर सराहना की है। राहुल गांधी ने कहा कि सार्थक और उनकी साथी निसर्गा ने वह काम कर दिखाया, जिसे देश के बड़े मीडिया संस्थान और जांच एजेंसियां भी सामने नहीं ला सकीं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और युवाओं की जागरूकता को लोकतंत्र की ताकत बताया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर की तारीफ

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 18 साल की उम्र में सार्थक ने जिस साहस, सोच और सिद्धांतों का परिचय दिया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने कहा कि सार्थक और उनकी साथी निसर्गा ने सीबीएसई और सेवा प्रदाता कंपनी COEMPT के बीच कथित मिलीभगत को देश के सामने उजागर किया।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि देश के बड़े मीडिया संस्थान और खोजी पत्रकार भी जिस मामले को सामने नहीं ला सके, उसे इन छात्रों ने उजागर कर दिया।

युवाओं को सवाल नहीं पूछने देना चाहती सरकार

कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा सिर्फ मनोरंजन में लगे रहें और सवाल न पूछें, लेकिन सार्थक जैसे छात्रों ने सवाल भी पूछे और उनके जवाब भी खोज निकाले।

राहुल गांधी ने कहा, "देश के 18 साल के बच्चे ने सीबीआई को भी पीछे छोड़ दिया। युवाओं की यह जीत वास्तव में सरकार की हार है। यही भारत की असली युवा शक्ति है, जो जिज्ञासु, जागरूक और जानकारी रखने वाली है।"

संसदीय समिति के सामने छात्र ने रखे तथ्य

सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच सार्थक सिद्धांत ने संसदीय स्थायी समिति के सामने अपनी प्रस्तुति भी दी। शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों से जुड़ी संसदीय समिति ने छात्रों की शिकायतों और OSM प्रणाली में सामने आई दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान सीबीएसई अधिकारियों ने भी छात्रों की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब दिया। बोर्ड ने दावा किया कि पुनर्मूल्यांकन पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को दूर कर दिया गया है और छात्रों को आवेदन के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।

केंद्र सरकार ने बनाई जांच समिति

विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है। क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति को सीबीएसई की OSM प्रणाली से जुड़े खरीद और प्रक्रिया संबंधी मामलों की जांच कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।

सीबीएसई के शीर्ष अधिकारियों का हुआ तबादला

मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया। इसके साथ ही भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) समेत कई एजेंसियां पुनर्मूल्यांकन पोर्टल की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी तरह के साइबर हमले या तकनीकी गड़बड़ी से बचा जा सके।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठी मांग

संसदीय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि समिति के सभी सदस्य परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर एकमत हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ सीबीएसई ही नहीं, बल्कि नीट समेत अन्य बड़ी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस पूरे मामले की जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, सीबीएसई ने छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन की प्रक्रिया जारी रखी है, जिसके लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

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