
Jamia Student Protest: दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर प्रदर्शन जारी है। इसी बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने शनिवार को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का निर्देश जारी किया। प्रशासन ने इसे छात्रों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम बताया है।
इसको लेकर विश्वविद्यालय की ओर से एक नोटिस भी जारी किया है, जिसमें सभी डीन, विभागाध्यक्षों, निदेशकों और शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के कार्यक्रम का पालन करने का निर्देश दिया है। शिक्षकों से ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करने और विद्यार्थियों को जरूरी अध्ययन सामग्री एवं शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप भी लगाया है। आइसा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी। संगठन ने दावा किया कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और प्रदर्शन स्थल को निशाना बनाया जा रहा है।
इसको लेकर AISA ने एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना की और इसे प्रशासन का कठोर रवैया बताया।
जामिया में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर पांच छात्रों की भूख हड़ताल शनिवार को 13वें दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारी छात्र जामिया में छात्रसंघ चुनाव (JMISU) को बहाल करने के साथ विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रॉक्टर ने आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
आंदोलन शुरू होने के बाद से भूख हड़ताल पर बैठे जासिम अली खान ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने निलंबित छात्रों का निलंबन वापस लेने की मांग भी की।
वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी छात्र अनस ने प्रॉक्टर और अनुशासन समिति की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रसंघ बहाल करने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं विश्वविद्यालय परिसर में 'फ्री कश्मीर' के नारे लिखे सामने आने बाद विवाद भी चर्चा में है। इस मुद्दे पर अनस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने के लिए एक अलग नैरेटिव तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की जांच कराने और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने की मांग की। अनस ने कहा कि प्रदर्शनकारी और भूख हड़ताल पर बैठे छात्र इस तरह के नारे लिखने में शामिल नहीं हैं।
जामिया में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्रों ने 12 अक्टूबर से विरोध-प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की थी। आंदोलन के शुरुआती दिनों में दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्धारित प्रदर्शन स्थल से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की थी। इसके बाद विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गया।
गौरतलब है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया का छात्रसंघ मार्च 2006 में भंग कर दिया गया था। अब छात्र एक बार फिर छात्रसंघ की बहाली की मांग कर रहे हैं।