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‘छात्र आंदोलन के खिलाफ दो रील बनाओ, 40 हजार पाओ’, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर का दावा, CJP ने शेयर किया वीडियो

Jantar Mantar protest Delhi : मुंबई के इंफ्लुएंसर रुपेश यादव ने दावा किया है कि दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन को नकारात्मक रूप में पेश करने और सरकार की ब्रांडिंग के लिए मीडिया एजेंसियों द्वारा इंफ्लुएंसर्स को मोटी रकम देने की पेशकश की जा रही है।
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Jul 22, 2026
Delhi protest influencer
Jantar Mantar protest Delhi। वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने वीडियो जारी कर बड़ा खुलासा किया है। मुंबई के इंफ्लुएंसर रुपेश यादव ने दावा किया है कि दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन को नकारात्मक रूप में पेश करने और सरकार की ब्रांडिंग के लिए मीडिया एजेंसियों द्वारा इंफ्लुएंसर्स को मोटी रकम देने की पेशकश की जा रही है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में क्रिएटर ने एक मीडिया एजेंसी से मिले ई-मेल का स्क्रीनशॉट साझा किया। क्रिएटर का दावा है कि एजेंसी ने उसे दो इंस्टाग्राम रील्स तैयार करने के बदले 40 हजार रुपए देने का ऑफर दिया। यह वीडियो सीजेपी ने सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है।

आंदोलन को नकारात्मक तरीके से पेश करना

इंफ्लुएंसर के अनुसार, ई-मेल में कहा गया कि रील्स में आपको छात्र बनकर देश के मुद्दों पर बात करनी है। दिल्ली में चल रहे छात्रों के आंदोलन को गलत व नकारात्मक तरीके से पेश करना है। रील्स में यह दिखाना है कि इन विरोध प्रदर्शनों के कारण देश बर्बादी की राह पर जा रहा है और छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। इसके साथ ही वर्तमान सरकार की नीतियों व विकास कार्यों की सराहना करने और पुरानी सरकारों से तुलना करनी है। इसके लिए पुराने फुटेज और स्क्रिप्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी।

जनता के टैक्स का पैसा कहां जा रहा, CBI जांच क्यों नहीं?

वीडियो में क्रिएटर ने सवाल उठाते हुए पूछा कि इंफ्लुएंसर्स और पीआर एजेंसियों के जरिए पेड कैंपेन चलाने के लिए इतना पैसा कहां से आ रहे है? क्या यह जनता के गाढ़ी कमाई के टैक्स का पैसा है या अन्य फंड्स का? क्रिएटर ने कहा तंज कसते हुए पूछा कि सच बोलने वालों या पार्टी छोड़ने वालों पर सीबीआई की रेड पड़ जाती है, लेकिन ऐसी चीजों की जांच सीबीआई क्यों नहीं करती?

'शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और छात्रों पर दर्ज एफआईआर हो वापस'

उधर, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पिछले तीन दिनों से विपक्ष नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव ला रहा है, लेकिन सरकार उनकी मांग स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। सरकार को बताना चाहिए कि वह किस नियम के तहत चर्चा के लिए तैयार है और एक संरचित बहस से उसे क्या परेशानी है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष तीन प्रमुख मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगा। इनमें नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना शामिल है। छात्रों के अधिकारों के लिए विपक्ष लगातार आवाज उठाता रहेगा।

Updated on:
22 Jul 2026 02:38 pm
Published on:
22 Jul 2026 02:38 pm