
Pratima Kumari JPSC JSSC Protest: झारखंड में पेपर लीक और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सियासत तेज हो गई है। 21 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान कथित बदसलूकी को लेकर जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच की सदस्य प्रतिमा कुमारी ने सोमवार को रांची के कोतवाली थाने में शिकायत दी है। शिकायत में 8 लोगों को नामजद किया गया है जबकि 30-40 अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रतिमा कुमारी ने आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उनके हाथ से पुतला छीन लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। उन्होंने अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। शिकायत दर्ज कराने के दौरान झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
प्रतिमा कुमारी की ओर से कोतवाली थाने में दी गई शिकायत में नवीन चंचल, उत्तम यादव, शाहबाज मलिक, मुस्ताक आलम, आशुतोष वर्मा उर्फ सोनू वर्मा, अंकिता वर्मा, डॉ. हेमलाल कुमार मेहता और अश्विनी शर्मा के नाम शामिल हैं।
शिकायत में प्रतिमा ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। प्रतिमा ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इन फुटेज के जरिए घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सकती है।
झारखंड में जेपीएससी एवं जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्र संगठन और अभ्यर्थी लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में 21 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की ओर से भी तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। अब प्रतिमा कुमारी की शिकायत के बाद विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
शिकायत दर्ज कराने के बाद बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को छात्रों के पहले से तय पुतला दहन कार्यक्रम का रांची, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़ और गढ़वा में योजनाबद्ध तरीके से विरोध किया गया।
मरांडी ने दावा किया कि इन जगहों पर JMM नेताओं और जिला अध्यक्षों को लाठी-डंडे के साथ छात्रों पर हमला करते हुए देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं जबकि कथित तौर पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हर जगह मजिस्ट्रेट तैनात थे। ऐसे में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शन में शामिल छात्रों के घर जाकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन लोगों पर छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप है, उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो भाजपा आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर कथित तौर पर छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो 25 अगस्त से भाजपा संबंधित मजिस्ट्रेट का घेराव करेगी। मरांडी ने कहा कि रांची के अलावा रामगढ़, गिरिडीह और हजारीबाग समेत जिन जिलों में प्रदर्शन के दौरान विवाद हुआ, वहां तैनात मजिस्ट्रेट से जवाब मांगा जाएगा कि कथित तौर पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
प्रतिमा कुमारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दूसरे राज्यों में महिलाओं और छात्रों की आवाज उठाते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर उनकी ओर से सवाल क्यों नहीं उठाया जा रहा है। प्रतिमा ने झारखंड में महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए और कहा कि राज्य में छात्र अपने अधिकारों के लिए सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं।
प्रतिमा ने कांग्रेस और झारखंड सरकार पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि अगर राहुल गांधी देश में सरकार बनाने की बात करते हैं तो उन्हें झारखंड में छात्रों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।