24 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘राहुल गांधी महिला अधिकारों के चैंपियन नहीं, हिंदू विरोधी हैं’, मनुस्मृति विवाद पर बोले हिमंत बिस्वा सरमा

Himanta Biswa Sarma News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हिंदू धर्म को निशाना बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण के मुद्दे का इस्तेमाल करते हैं। हिमंत बिस्वा सरमा ने शाह बानो केस, तीन तलाक और कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी से सवाल किए।
2 min read
Google source verification
Himanta Biswa Sarma social media threat

असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा (Photo-IANS)

Himanta Biswa Sarma on Rahul Gandhi: महाराष्ट्र के पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति पर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। बीजेपी नेता लगातार उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं। इस संदर्भ में, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगते हुए कहा कि राहुल गांधी महिलाओं के अधिकारों के चैंपियन नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की वकालत की आड़ में वे हिंदू धर्म को निशाना बनाने और उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने दिया था मनुस्मृति पर बयान

पुणे में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि मनुस्मृति में लिखा है कि बचपन में एक महिला अपने पिता के अधीन होती है, युवावस्था में वह अपने पति के अधीन होती है और पति की मृत्यु के बाद वह अपने बेटों के अधीन होती है तथा महिला को कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा था कि ऐसे शब्द कभी बोले ही नहीं जाने चाहिए थे।

शरिया पर क्यों नहीं बोलते राहुल गांधी : हिमंत बिस्वा सरमा

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि राहुल गांधी ने शरिया कानून की प्रचलित प्रथाओं के खिलाफ कभी ऐसा गुस्सा क्यों नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि जहां शरिया इस्लामी न्यायशास्त्र का आधार है, वहीं हिंदू धर्म में मनुस्मृति का ऐसा कोई धार्मिक अधिकार नहीं है। यह तो हिंदुओं के लिए सर्वमान्य या अनिवार्य संहिता भी नहीं है।। इसके बावजूद, राहुल गांधी बार-बार मनुस्मृति पर हमला करते हैं, जबकि शरिया पर पूरी तरह चुप रहते हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हिंदू धर्म की सबसे बड़ी ताकत समय के साथ बदलने, सुधार करने और ढलने की उसकी अनोखी क्षमता है, जैसा की सदियों से होता आया है। ऐसे में हर नागरिक को यह सोचना चाहिए कि क्या राहुल गांधी का असली मकसद महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है या सिर्फ हिंदू धर्म को बदनाम करने का बहाना ढूंढना है।

महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस की बार खोखली : हिमंत बिस्वा सरमा

हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कांग्रेस पार्टी की बातें उसके अपने पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए खोखली लगती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने शाह बानो मामले के फैसले के असर को पलटकर और 'तीन तलाक' के खिलाफ लाए गए कानून का खुलकर विरोध करके देश की महिलाओं के साथ धोखा किया है। इसके अलावा, कर्नाटक का उदाहरण देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए राहुल गांधी ने यह पक्का किया कि राज्य कैबिनेट में एक भी महिला को शामिल न किया जाए।

राहुल गांधी को दिया चैलेंज

राहुल गांधी को चैलेंज देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर उन्हें सच में जेंडर इक्वालिटी और महिलाओं के अधिकारों की परवाह है और वे पार्टी की राजनीति से ऊपर उठ सकते हैं तो उन्हें बिना किसी हिचकिचाहट के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का खुलकर समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि UCC धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर हर महिला को समान अधिकार की गारंटी देता है। हिमंत बिस्वा सरमा ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी इसका समर्थन करेंगे, या महिलाओं के अधिकारों को लेकर उनकी परिभाषा सिर्फ़ हिंदू धर्म पर हमला करने तक ही सीमित है।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग