
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को लेकर कहा कि उन्हें इतनी शक्तियां नहीं दी गई हैं, बल्कि उनका इस्तेमाल एक माध्यम के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार इसी तरह उनका भी इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी नेताओं को खुद जवाब नहीं देते हैं। जब विपक्ष की ओर से उन्हें पत्र लिखा जाता है, तो जवाब किसी दूसरे से तैयार करवाया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री खुद को कानून और संविधान से ऊपर मानते हैं? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भी 543 सांसदों में से एक सांसद हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वे अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकते हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं और सभी विपक्षी दलों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष की बातों का जवाब देना चाहिए और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों पर संज्ञान लेना चाहिए।
खरगे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार मनमाने और तानाशाहीपूर्ण तरीके से काम करती रही, तो देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। जनता सरकार को सत्ता से बाहर कर सकती है और उसकी विचारधारा को भी नकार सकती है।
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा लोकसभा की सदस्य संख्या और वर्तमान परिसीमन व्यवस्था के आधार पर ही महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित कर सकती है। ऐसे में इसे लागू करने में क्या परेशानी है?
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल विपक्ष को बदनाम करने और उसकी छवि खराब करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस और विपक्षी दल महिला आरक्षण के खिलाफ होते, तो वे पहले इस संबंध में कानून पारित कराने की कोशिश क्यों करते?
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रहे हैं और अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि महिला आरक्षण को मौजूदा व्यवस्था के तहत लागू करने में क्या परेशानी है।
खरगे ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली और अब तक की गलतियों को नहीं सुधारा, तो जनता उन्हें इसका जवाब देगी।