
Nepal Flood News: नेपाल में पिछले सप्ताह आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों और बरामद शवों की पहचान में मदद के लिए भारत ने अपनी 19 सदस्यीय फॉरेंसिक टीम भेजी है। भारतीय टीम ने मंगलवार से नेपाली फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर DNA सैंपल की जांच शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित इलाकों से मिले शवों और लापता लोगों की जल्द पहचान करना है। भारतीय दूतावास ने मंगलवार को बताया कि भारतीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने काठमांडू घाटी के खुमलटार इलाके में स्थित नेपाल पुलिस सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में DNA जांच का काम शुरू किया है।
भारतीय टीम नेपाल के फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर काम कर रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से जुटाए गए DNA सैंपल की जांच और प्रोसेसिंग में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है, ताकि बरामद शवों की पहचान हो सके और लापता लोगों के परिवारों को उनके बारे में जानकारी दी जा सके। भारतीय दूतावास के मुताबिक, फॉरेंसिक टीम की तैनाती नेपाल में हालिया फ्लैश फ्लड के बाद चल रहे राहत और सहायता प्रयासों का हिस्सा है। इन बाढ़ों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और कई लोग अब भी लापता हैं।
नेपाल पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम तक 1,068 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे। इनमें करीब 400 शव ऐसे हैं, जिनमें केवल आंशिक अवशेष मिले हैं। ऐसे मामलों में मृतकों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है। पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कई शव अब भी लावारिस हैं। इसी वजह से अधिकारी शवों के DNA सैंपल सुरक्षित रख रहे हैं, ताकि भविष्य में परिवार के किसी सदस्य के DNA से मिलान कर पहचान की जा सके।
नेपाल के चितवन जिले में अब तक सबसे ज्यादा शव बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने DNA सैंपल और अन्य जरूरी सबूत जुटाने के बाद नदी किनारे खुले स्थानों पर सैकड़ों शवों को दफना दिया है। यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जा रही है ताकि शवों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित पहचान प्रक्रिया से जोड़ा जा सके और भविष्य में किसी परिवार के दावे या DNA मिलान के आधार पर उनकी पहचान संभव हो।
नेपाल पुलिस के अनुसार 4,606 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लापता लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। नेपाली अधिकारी रासुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के कॉरिडोर के आसपास स्थित विभिन्न हाइड्रोपावर परियोजनाओं में भी लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।