
Piyush Goyal Press Conference: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार को बचकाना बताया और आरोप लगाया कि उनके आचरण से संविधान की भावना को ठेस पहुंचती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि एनडीए सरकार ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से काम करने की पूरी स्वायत्तता दी है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कभी किसी नियुक्त चुनाव आयुक्त को राजनीतिक लाभ देने या कानूनी प्रावधानों के विपरीत राजनीतिक पद देने की कोशिश नहीं की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोयल ने कांग्रेस के कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने शासन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्तों को राजनीतिक लाभ पहुंचाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का मौका दिया, जबकि एक अन्य को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। इसके अलावा दो पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल भी बनाया गया।
पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में राहुल गांधी का व्यवहार, उनके दोहरे मापदंड और बचकानी हरकतें देखने को मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक आचरण को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि एक समय मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने अधीन काम करने वाले एक चुनाव आयुक्त पर कांग्रेस के एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया था, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उस अधिकारी को हटाने से इनकार कर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस कभी उनकी ईमानदारी और निडरता की प्रशंसा करती थी। लेकिन बाद में वर्ष 1999 में पार्टी ने उन्हें अपने टिकट पर चुनाव लड़ने का मौका दिया।
गोयल ने सवाल उठाया कि यदि शेषन चुनाव आयुक्त के रूप में अपनी निष्पक्षता और ईमानदारी के लिए जाने जाते थे, तो उन्हें लालकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े नेता के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ाने का फैसला क्या उन्हें राजनीतिक पुरस्कार देने जैसा नहीं था?
पीयूष गोयल ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गिल ने वर्ष 1996 से 2001 तक पांच साल मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में काम किया। गोयल ने कहा कि वर्ष 2000 में, जब गिल इस पद पर कार्यरत थे, तब उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
गोयल ने सवाल किया कि पद पर रहते हुए इस तरह का सम्मान दिया जाना क्या किसी प्रकार का प्रलोभन नहीं था? उन्होंने इसे रिश्वत के समान बताते हुए कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।