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BJP में शामिल होते ही दो AAP विधायकों की सदस्यता खत्म, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया इस्तीफा

पंजाब में बीजेपी में शामिल होते ही AAP के दो विधायकों की सदस्यता खत्म हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा का इस्तीफा स्वीकार कर अमृतसर नॉर्थ और सनौर सीट खाली घोषित कर दी है।
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Updated: 2 Nov 2026, 6:12 PM IST
BJP Punjab
कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा भाजपा में शामिल। (फोटो- IANS)

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले ही प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए दो विधायकों की विधानसभा सीटें खाली हो गई हैं।

पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके बाद दोनों विधानसभा क्षेत्रों को आधिकारिक तौर पर रिक्त घोषित कर दिया गया है।

आज ही भाजपा में हुए थे शामिल

खास बात यह है कि दोनों विधायकों ने आज ही दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली थी। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उनका स्वागत किया गया।

उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। दोनों विधायक पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे और पंजाब विधानसभा में अपनी-अपनी सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

किन विधानसभा सीटों पर होगा उपचुनाव?

विधानसभा अध्यक्ष की ओर से इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अमृतसर नॉर्थ और सनौर विधानसभा सीट खाली घोषित कर दी गई हैं। कुंवर विजय प्रताप सिंह अमृतसर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।

वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा सनौर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। दोनों सीटों के रिक्त होने के बाद अब इन क्षेत्रों में उपचुनाव की संभावना बन गई है। हालांकि, उपचुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग की ओर से किया जाएगा।

पंजाब की राजनीति में क्या होगा असर?

पंजाब की सत्ता में आने के लिए भाजपा अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, कांग्रेस भी चुनाव प्रचार में दमखम से जुटी है। वहां अभी आम आदमी पार्टी की सरकार है। ऐसे में उनके दो विधायकों का बीजेपी में जाना और फिर उनकी सीटों का खाली होना, यह सत्तारूढ़ पार्टी के लिए झटका है।

अब भाजपा इन दोनों सीटों को अपने पाले में करने के लिए उपचुनाव में पूरा दम झोंकेगी। वहीं, आम आदमी पार्टी भी इन दोनों पर अपनी साख बचाने के लिए हर प्रयास करेगी। जो भी नतीजे आएंगे, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि अगले चुनाव में किसका पलड़ा भारी होगा।

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2 Nov 2026, 6:12 PM IST
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