
Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर बीजेपी सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाली महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, कपड़े खींचने और निजी अंगों पर हमला करने जैसी घटनाएं हुईं। राहुल गांधी ने इसे विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि महिलाओं को डराने और अपमानित करने के जरिए उन्हें सवाल उठाने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि सत्ता खोने का डर पुलिस कार्रवाई के रूप में युवाओं और महिलाओं पर दिख रहा है।
राहुल गांधी ने इससे पहले भी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाया था। 16 अक्टूबर को उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस छात्र प्रदर्शनकारियों पर हमले की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, केरल की अथिरा और राजस्थान की रितु समेत कई प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने मारपीट की। उन्होंने बताया कि इस मामले में केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से बात की गई है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि केरल में जीरो एफआईआर दर्ज हो चुकी है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी ने अपने बयान में 1930 के धरासना सत्याग्रह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय सरोजिनी नायडू ने निहत्थे सत्याग्रहियों का नेतृत्व किया था, जिन्होंने पुलिस की लाठियां खाने के बावजूद जवाबी हिंसा नहीं की। राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस लोगों को शारीरिक चोट पहुंचा सकती है, लेकिन सत्याग्रह की भावना को नहीं तोड़ सकती। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं और महिलाओं के समर्थन में खड़े रहने की बात भी कही। दिल्ली में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर विवाद बढ़ा है।