
Rahul Gandhi: वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सरकारी आवास पर मंगलवार को हाई-टी बैठक आयोजित की गई। इसमें INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए जंतर-मंतर एक प्रमुख स्थान रहा है, लेकिन अब सरकार ने वहां लोकतांत्रिक विरोध जताने के विकल्प को सीमित कर दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस फैसले को चुनौती देगा और लोग अपनी आवाज उठाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल अलग-अलग आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि सभी एक साझा उद्देश्य के साथ खड़े हैं। उनके मुताबिक, इस आंदोलन का लक्ष्य देश में लोकतंत्र को बहाल करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव प्रणाली और संविधान को नुकसान पहुंचाया गया है। राहुल ने कहा कि विपक्ष वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली के लिए मिलकर संघर्ष कर रहा है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने में उनकी भूमिका है। उन्होंने कहा कि संविधान को नुकसान पहुंचाकर बच निकलना आसान नहीं होगा। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और कथित 'वोट चोरी' को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। मंगलवार की बैठक में इसी मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
इस मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पिछले चार दिनों में INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में राहुल जी और अन्य नेताओं ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया है। आपने देखा होगा कि ये कार्यक्रम कितने सफल रहे हैं। शायद इससे पहले दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में लोग कभी एक साथ नहीं जुटे। यह पहली बार है, जब इतनी बड़ी तादाद में युवा, साथी और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग अपनी मर्जी से एकजुट हुए हैं। उन्होंने अंत में कहा कि अब हर कोई मोदी की 'वोट चोरी' की योजना को पूरी तरह बेनकाब करने के लिए तैयार है।