
Ranchi Protest Permission: झारखंड में प्रदर्शन और रैलियों को लेकर प्रशासन का रुख सख्त होता दिख रहा है। रांची में अब धरना, प्रदर्शन, जुलूस और आमसभा के लिए पहले अनुमति लेना जरूरी होगा। वहीं, गिरिडीह और हजारीबाग में पुलिस और नौकरी के उम्मीदवारों के बीच हुई झड़प के बाद तीन FIR दर्ज की गई हैं। इन मामलों में 28 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा 900 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है।
रांची जिला प्रशासन ने सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। अब धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभा के लिए पहले प्रशासन की अनुमति लेनी होगी।
कार्यक्रम के आयोजकों को रांची सदर या बुंडू के अनुमंडल पदाधिकारी के सामने निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रशासन को कार्यक्रम की पूरी जानकारी देनी होगी। जुलूस या रैली की तारीख बतानी होगी। कार्यक्रम कब शुरू होगा और कब खत्म होगा, इसकी जानकारी भी देनी होगी। इसके अलावा प्रस्तावित रूट और संभावित लोगों की संख्या बताना जरूरी होगा। जरूरत पड़ने पर कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों की जानकारी भी प्रशासन मांग सकता है।
बता दें गिरिडीह और हजारीबाग में नौकरी के उम्मीदवारों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इसी मामले में तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। कुल 28 लोगों को नामजद किया गया है। वहीं, 900 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
झड़प के बाद पुलिस ने घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन घटनाओं के बीच रांची प्रशासन ने सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर पहले से अनुमति लेने पर जोर दिया है।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले विरोध के खिलाफ नहीं है।
हालांकि, प्रदर्शन के नाम पर सड़कें बंद करना या आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने पर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने छात्रों और आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। किसी प्रदर्शन में शामिल होने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और अनुमति की जानकारी लेने को कहा गया है। साथ ही, अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि अनुमति की व्यवस्था का मकसद प्रदर्शन रोकना नहीं है। इसका उद्देश्य प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा सुनिश्चित करना है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं से भी नियमों का पालन करने की अपील की गई है।