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Rohit Pawar: एमपीएससी अध्यक्ष को हटाने पर अड़े रोहित पवार, बोले- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोस्ती निभा रहे, छात्रों की चिंता नहीं

MPSC Protest: पुणे में एमपीएससी आंदोलन के बीच रोहित पवार ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने रविवार शाम तक फैसला लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर छात्र सोमवार से आंदोलन का तरीका बदल सकते हैं।
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Oct 11, 2026
Rohit Pawar Devendra Fadnavis
देवेंद्र फडणवीस और रोहित पवार। फाइल फोटो- पत्रिका

MPSC Students Protest: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सरकार रविवार शाम तक छात्रों से बात कर कोई ठोस फैसला ले। ऐसा नहीं होने पर छात्र सोमवार से आंदोलन को लेकर अलग फैसला कर सकते हैं।

'सरकार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी'

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आयोग के अध्यक्ष के साथ महाराष्ट्र सरकार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। पुणे के एसएम जोशी पुल पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व रोहित पवार कर रहे हैं। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष भीमनवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का करीबी बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों के बजाय अपने करीबी अधिकारी को बचाने पर ज्यादा ध्यान दे रही है।

अध्यक्ष को हटाने की मांग पर कायम

रोहित पवार ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को पद से हटाने की है। आयोग में सुधार करने के लिए अध्यक्ष को हटाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में जल्द फैसला करना चाहिए था, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी छात्रों की मांग पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि आयोग के अध्यक्ष मुख्यमंत्री के करीबी हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनके खिलाफ उठ रही मांग को नजरअंदाज किया जाए।

पवार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने करीबी अधिकारी के बारे में ज्यादा सोच रहे हैं, जबकि सामान्य परिवारों से आने वाले छात्रों की परेशानी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रोहित पवार ने कहा कि सरकार को रविवार शाम तक छात्रों से बातचीत कर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो छात्र सोमवार से आंदोलन का तरीका बदलने पर विचार कर सकते हैं।

छात्रों को 'अर्बन नक्सल' कहने पर नाराजगी

रोहित पवार ने आंदोलन में शामिल छात्रों को अर्बन नक्सल कहने और उन पर पैसे लेकर आंदोलन करने के आरोपों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्हें इस तरह के नाम देना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग गरीब परिवारों और किसानों के बच्चों की परेशानी का मजाक बना रहे हैं। पवार ने कहा कि इन छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना आसान नहीं होता। ऐसे में उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर आरोप लगाना उचित नहीं है।

Updated on:
11 Oct 2026 03:22 pm
Published on:
11 Oct 2026 02:52 pm