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Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् विवाद पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, संबित पात्रा बोले- 1937 में बोया गया था विभाजन का बीज

BJP: वंदे मातरम् विवाद पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने 1937 के प्रस्ताव, नेहरू-जिन्ना पत्र और 19 अगस्त की CWC बैठक का हवाला दिया।
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Aug 22, 2026
bjp news
संबित पात्रा(फोटो-IANS)

Vande Mataram: भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने 'वंदे मातरम्' को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम की पहली पदाधिकारियों की बैठक के बाद पात्रा ने कहा कि बैठक में भारत के गौरव, वंदे मातरम् और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के सम्मान में पहला प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर वंदे मातरम् को लेकर इतिहास में समझौता करने और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति का मंत्र है। उनके मुताबिक, इसके केंद्र में राष्ट्र और देशभक्ति की भावना है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर देशभर में सम्मान, श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है।

पात्रा का दावा- 1937 में वंदे मातरम् को बांटा गया

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि 1937 में तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व के फैसले के तहत वंदे मातरम् को पहली बार विभाजित किया गया और इसके केवल एक हिस्से को गाने की अनुमति दी गई। पात्रा ने इस फैसले को आगे चलकर देश के विभाजन की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि इसी तरह की तुष्टिकरण की नीति का बीज उस समय बोया गया था। उन्होंने 1938 में जवाहरलाल नेहरू की ओर से मोहम्मद अली जिन्ना को लिखे गए पत्र का भी हवाला दिया। पात्रा के मुताबिक, नेहरू ने जिन्ना की मांगों के संदर्भ में वंदे मातरम् के पूरे गीत के गायन को लेकर कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट की थी। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूरे वंदे मातरम् के बजाय इसके सीमित हिस्से को गाने पर सहमति जताई थी।

ब्रिटिश सरकार रोकना चाहती थी, आज कांग्रेस रोक रही-संबित पात्रा

संबित पात्रा ने वंदे मातरम् के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 7 नवंबर 1875 को इसकी रचना हुई थी और जब 1975 में इसके 100 वर्ष पूरे हुए, तब देश में आपातकाल लागू था। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी और इसलिए वंदे मातरम् की शताब्दी नहीं मनाई जा सकी। उन्होंने कहा कि बाद में इसकी 150वीं वर्षगांठ को लेकर देश में कार्यक्रम और संसद के भीतर भी चर्चा हुई। पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस ब्रिटिश सरकार ने कभी वंदे मातरम् को रोकने की कोशिश की थी, आज उसी गीत को लेकर कांग्रेस पर रोक लगाने का आरोप लग रहा है।

सोनिया गांधी के वीडियो का भी किया जिक्र

बीजेपी नेता ने 15 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में तिरंगा फहराया जा रहा था। पात्रा ने दावा किया कि वंदे मातरम् शुरू होने के बाद सोनिया गांधी ने दो अंतरों के बाद 'रुकने' का इशारा किया। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने बाद में इसे लेकर सफाई दी थी कि सोनिया गांधी वंदे मातरम् को रोकने का इशारा नहीं कर रही थीं, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।

Updated on:
22 Aug 2026 03:00 pm
Published on:
22 Aug 2026 02:53 pm