
Sanjay Raut X Post Controversy: शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर घिर गए है। उनके बयान से अपनी ही पार्टी के नेताओं ने दूरी बना ली है। अल्बानिया में अशांति को लेकर संजय राउत के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत को किसी दूसरे देश से सीखने की जरूरत नहीं है। अल्बानिया एक छोटा देश है, जिसने कम्युनिस्ट तानाशाही के शासन में कई साल बिताए हैं। यह विचार कि लोग कानून को अपने हाथ में लें, व्यवस्था को बाधित करें और सुप्रीम कोर्ट या संसद जैसी संस्थाओं को अस्थिर करें, पूरी तरह अस्वीकार्य है।
इस दौरान उन्होंने नेहा बोरा के बांग्लादेश आंदोलन को लेकर दिए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा लेकर यहां भी सत्ता परिवर्तन करने की बात कहते हैं, उनका ऐसा सुझाव बेहद अफसोसजनक है। बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शन केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि बाद में उन पर एक इस्लामी आंदोलन का प्रभाव हो गया, जिसके परिणामस्वरूप हिंदू अल्पसंख्यकों समेत अन्य अल्पसंख्यकों पर हमले हुए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोई जगह नहीं है। हमें मार्गदर्शन के लिए अल्बानिया, पेरिस या ऐसी अन्य घटनाओं के उदाहरणों की ओर नहीं देखना चाहिए।
वहीं शिवसेना की नेता और सांसद ज्योति वाघमारे ने कहा कि सबसे पहले, मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि भारत के संविधान में हर चीज के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। अगर देश लोकतंत्र और संविधान के आधार पर चलता है, तो यह संजय राउत, राहुल गांधी के बयानों या प्रियंका गांधी और सुप्रिया सुले के भड़काऊ भाषणों के आधार पर नहीं चलता।
उन्होंने कहा कि यह देश बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के अनुसार चलता है। संविधान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हर पांच साल में चुनाव होते हैं। जनता के बीच जाइए, उनके लिए काम कीजिए और फिर वोटों के आधार पर सत्ता परिवर्तन कराइए।
बता दें कि शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने अल्बानिया में सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन का हवाला देते हुए भारत से इससे सबक लेने की नसीहत दी है। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि अल्बानिया के लोग भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे प्रधानमंत्री को न्यायपालिका से मदद मिलने से नाराज हैं। वहां पर लोग सरकारी संस्थाओं को निशाना बना रहे है। सभी देशों को इन घटनाओं से सीखना चाहिए, भारत को भी। राउत ने पोस्ट में करते हुए एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट में आग लगी हुई है।