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Maharashtra Politics: सतीश चव्हाण से मुलाकात के बाद बदले संजय शिरसाट के तेवर, महायुति में सुलह का रास्ता साफ

Mahayuti Alliance: महायुति में अमरावती सीट को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। संजय शिरसाट ने सतीश चव्हाण को समर्थन देने का ऐलान किया है।
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Oct 17, 2026
Maharashtra politics
प्रतीकात्मक तस्वीर

Maharashtra News: अमरावती की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों को लेकर महायुति में चल रहा विवाद अब सुलझ गया है। मंत्री संजय शिरसाट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के उम्मीदवार सतीश चव्हाण को समर्थन देने की घोषणा की है। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद शिरसाट ने कहा कि गठबंधन में अब कोई मतभेद नहीं है। सतीश चव्हाण संजय शिरसाट के सरकारी बंगले पर उनसे मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद विवाद खत्म करने पर सहमति बनी।

एक नेता ने की थी बगावत

दरअसल अमरावती में विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीट पर महायुति के एक घटक दल के नेता ने बगावत कर नामांकन दाखिल कर दिया था। शिवसेना का कहना था कि गठबंधन के नियमों के अनुसार बागी उम्मीदवार को समर्थन नहीं मिलना चाहिए। इसके बावजूद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर बागी उम्मीदवार की मदद करने के आरोप लगे। इस बात से नाराज शिवसेना नेताओं ने मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सतीश चव्हाण को समर्थन देने से इनकार कर दिया था।

चव्हाण ने खुद शिरसाट से मुलाकात की

इस मुद्दे पर संजय शिरसाट ने भी कड़ा रुख अपनाया था। उनके बयान के बाद गठबंधन में खींचतान बढ़ गई थी। अजित पवार गुट में भी इस घटनाक्रम को लेकर बेचैनी थी। विवाद सुलझाने के लिए सतीश चव्हाण ने खुद शिरसाट से मुलाकात की। चव्हाण ने कहा कि कुछ छोटी-मोटी गलतफहमियां पैदा हो गई थीं। वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर बातचीत के बाद सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं। अब महायुति के सभी दल मिलकर चुनाव में काम करेंगे। उन्होंने चुनाव में जीत का भरोसा भी जताया। शिरसाट ने कहा कि कुछ जगहों पर कार्यकर्ता अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के लिए जोर लगा रहे थे और कई लोग चुनाव लड़ने के इच्छुक थे।

'महायुति में किसी तरह का मतभेद बाकी नहीं '

अमरावती की शिक्षक निर्वाचन सीट शिवसेना के हिस्से में थी। वहां बागी उम्मीदवार के नामांकन के बाद शिवसेना ने पहले तय किया था कि वह चव्हाण का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में अमरावती में तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम बदले। बागी उम्मीदवार की मदद नहीं करने का फैसला होने के बाद गठबंधन के उम्मीदवार के समर्थन का रास्ता साफ हुआ। इसी के बाद शिवसेना ने सतीश चव्हाण को समर्थन देने का फैसला किया। शिरसाट ने साफ किया कि अब महायुति में किसी तरह का मतभेद बाकी नहीं है और गठबंधन के सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

Updated on:
17 Oct 2026 08:00 pm
Published on:
17 Oct 2026 07:56 pm