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गोकुल चुनाव में सतेज पाटिल के गठबंधन ने महायुति को हराया, 25 में से 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया

Gokul Election: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ (गोकुल) के चुनाव में सतेज पाटिल के गठबंधन ने 25 में से 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। महायुति को 12 सीटों से संतोष करना पड़ा।
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Oct 19, 2026
devendra fadnavis
मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस। फाइल फोटो- पत्रिका

Kolhapur Politics: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ (गोकुल) के चुनाव में विधायक सतेज पाटिल के नेतृत्व वाले राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी गठबंधन ने महायुति को शिकस्त दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुंबई से चुनावी रणनीति संभालने और जिले में तीन कैबिनेट मंत्रियों, 10 विधायकों तथा दो सांसदों की ताकत होने के बावजूद महायुति बहुमत हासिल नहीं कर सकी। 25 सीटों वाले संचालक मंडल के चुनाव में सतेज पाटिल के गठबंधन ने 13 सीटें जीतकर अपना वर्चस्व स्थापित किया, जबकि महायुति को 12 सीटों से संतोष करना पड़ा।

गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाया

सतेज पाटिल ने पिछले दो महीनों से चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथों में रखी थी। उन्होंने महायुति की रणनीति का मुकाबला करते हुए अपने गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाया। इस चुनाव में महायुति के पास राज्य की सत्ता के साथ ही जिले के कई बड़े नेताओं का समर्थन था, लेकिन इसका फायदा उसे नहीं मिला। गोकुल चुनाव के दौरान मतदाताओं पर दबाव बनाने के आरोप भी लगे थे। आरोप था कि महायुति की ओर से अलग-अलग स्तरों पर मतदाताओं को डराने की कोशिश की गई और कुछ मतदाताओं से शपथ भी दिलवाई गई।

दिग्गजों की हार

इस चुनाव में गोकुल के दो पूर्व अध्यक्ष भी हार गए। मौजूदा संचालिका शौमिका महाडिक को भी पराजय का सामना करना पड़ा। महायुति के बड़े नेताओं की मौजूदगी के बावजूद इन दिग्गजों की हार को चुनाव के अहम नतीजों में गिना जा रहा है। गोकुल में पिछले करीब तीन दशक से अरुण डोंबले और विश्वास आबाजी पाटिल का प्रभाव रहा था। चुनाव से ठीक पहले दोनों ने शिवसेना के शिंदे गुट में प्रवेश किया था। उनके पास बड़ी संख्या में मतदाताओं के समर्थन से जुड़े प्रस्ताव होने के कारण यह चर्चा थी कि उनकी भूमिका चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि दोनों को हार का सामना करना पड़ा।

महायुति के लिए बड़ा झटका

महायुति के पैनल की अगुवाई चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ कर रहे थे। इसके बावजूद उनके बेटे और गोकुल के मौजूदा अध्यक्ष नावीद मुश्रीफ को भी हार का सामना करना पड़ा। यह परिणाम महायुति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गोकुल का चुनाव पिछले कई दिनों से पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। महायुति के नेता लगातार अपनी जीत का दावा कर रहे थे। कुछ नेताओं ने तो यह भी कहा था कि जीत केवल औपचारिकता रह गई है। चुनाव निर्विरोध कराने की संभावना पर भी चर्चा हुई थी। इसके बावजूद मुकाबला मतदान तक पहुंचा और सतेज पाटिल के गठबंधन ने 13 सीटें जीतकर बढ़त बना ली। महायुति को 12 सीटें मिलीं।

Updated on:
19 Oct 2026 08:51 pm
Published on:
19 Oct 2026 08:51 pm
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